हिंदू धर्म का इस्‍लामीकरण न करें...!

संदीप देव। भारत धर्मांधों का देश नहीं है, लेकिन जिस तरह की धर्मांधता का व्‍यवहार खुद को हिंदूवादी कहने वाले कुछ लोग, संगठन या समूह आजकल कर रहे हैं, उन्‍हें स्‍पष्‍ट ज्ञान होना चाहिए कि वह मूल सनातन हिंदू की समझ से कोसों दूर, बल्कि पश्चिम से निकले किसी धर्म की विकृत छाया मात्र बनने की कोशिश कर रहे हैं। कल स्‍वामी विवेकानंद जी की जयंती थी और पूरी दुनिया में हिंदू नामक धर्म का पहला उदघोष स्‍वामी विवेकानंद ने ही किया था।

स्‍वामी विवेकानंद ने शिकागो धर्म महासभा में तीसरी बार बोलने के क्रम में 19 सितंबर 1893 को हिंदू धर्म पर कहा था, '' हिंदुओं के बहुतेरे दोष हैं, उनके कुछ अपने अपवाद हैं, पर यह ध्‍यान रखिए कि उनके वे दोष अपने शरीर को उत्‍पीड्ति करते तक सीमित हैं, वे कभी अपने पड़ोसियों का गला नहीं काटने जाते। एक हिंदू धर्मांध भले ही चिता पर अपने आपको जला डाले, पर वह विधर्मियों को जलाने के लिए 'इन्क्विजिशन' की अग्नि कभी भी प्रज्‍वलित नहीं करेगा। और इस बात के लिए उसके धर्म को उससे अधिक दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जितना डाइनों को जलाने का दोष ईसाई धर्म पर मढ़ा जा सकता है।''

स्‍वामी जी ने आगे कहा, '' सारे संसार को मेरी यह चुनौती है कि वह समग्र संस्‍कृत दर्शनशास्‍त्र में मुझे एक ऐसी उक्ति तो दिखा दे, जिसमें यह बताया गया हो कि केवल हिंदुओं का ही उद्धार होगा और दूसरों का नहीं। व्‍यास कहते हैं कि '' हमारी जाति व संप्रदाय की सीमा के बाहर भी पूर्णत्‍व तक पहुंचे हुए मनुष्‍य हैं।''

स्‍वामी विवेकानंदर ने 26 सितंबर को उसी धर्म महासभा में कहा, '' ईसा मसीह यहूदी थे और शाक्‍य मुनि (गौतम बुद्ध) हिंदू। यहूदियों ने ईसा को केवल अस्‍वीकार ही नहीं किया, उन्‍हें सूली पर भी चढ़ा दिया। हिंदुओं ने शाक्‍य मुनि को ईश्‍वर के रूप में ग्रहण किया और वे उनकी पूजा करते हैं।''

एक बात याद रखिए, जिसे आज आप हिंदू धर्म कहते हैं, वह किसी एक धर्म ग्रंथ और एक महापुरुष पर आश्रित नहीं है, जैसा कि र्इसायत और इस्‍लाम। यह कई धाराओं से मिलकर इतना विशाल हुआ है। प्‍लीज इस विशाल समुद्र को क्षुद्र मत बनाइए, प्‍लीज हिंदू धर्म का ईसायत और इस्‍लामीकरण न करें। यहां कटटरता को कोई जगह नहीं है। यदि हिंदू धर्म में कटटरता आ गई तो वह हिंदू धर्म नहीं, बल्कि इस्‍लाम और ईसायत का जेरॉक्‍स कॉपी बनकर रह जाएगा। अब यह आपको तय करना है कि अपने मूल स्‍वरूप में आप विशाल रहना चाहते हैं या फिर किसी की जेरॉक्‍स कॉपी बनकर क्षुद्र....।

Web Title: Being Virat Hindu.1‬

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