जिसे नास्‍त्रेदमस ने हजारों साल पहले पहचान लिया था, कांग्रेसी-वामपंथी नेता व पत्रकार उसे न पहचानने की जिद पाले बैठे हैं! ‪

संदीप देव‬ । Francois Gautier ने 2003 में एक किताब लिखी थी -'Rewriting Indian History'। औरंगजेब पर शीघ्र प्रकाशित पत्रिका के संदर्भ के लिए इस पुस्तक को मैंने मंगवाया है। इस किताब का ११ वां अध्याय है 'The BJP years'. Francois ने लिखा है कि फ्रांससी भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस (1503-1566) की काफी सारी अप्रकाशित पांडुलिपियां फ्रांस में मिली थी। उसमें दो पेज भारत पर था। उसमें लिखा था- 'पोलिटस भारतस झनातस इंडिकस वेनी ग्रांडस इस्‍ट विंग्‍टस अनस सेंचुरीझ, कांग्रेस ऑबलियम इस्‍ट' अर्थात भारत में भारतीय जनता पार्टी नमक संगठन होगा, जो २१ वीं सदी में देश पर राज्य करेगा और कांग्रेस नामक संगठन सिकुड़ता चला जाएगा।

नास्‍त्रेदमस ने लिखा था कि सत्‍ता मिलते ही भाजपा भी कांग्रेस के समान सेक्‍यूलरिज्‍म के राह पर चलने की कोशिश करेगी और अपनी मूल विचारधारा को भूल जाएगी, नौकरशाही और वीवीआईपी कल्‍चर का कांग्रेसी संस्‍करण साबित होने लगेगी, जिससे पार्टी दो धरे में बंट जाएगी।

कुछ समय बाद दूसरा धरा भारतीयता और राष्‍ट्रीयता को फिर से वापस लौटाएगा और तब भारत में बहुत बड़ा परिवर्तन होगा। धीरे धीरे संस्‍कृत राष्‍ट्रीय भाषा बनेगी, सरकार का विकेंद्रीकरण होगा और पूर्व की भांति ग्राम पंचायत शक्तिशाली होगी, भारत सार्क देशों का प्रतिनिधित्‍व करेगा, आर्य-द्रविड़ थ्‍योरी गलत साबित होगी, 10 हजार साल पुरानी भारतीय सभ्‍यता का इतिहास पुन: लिखा जाएगा और इसायत व इस्‍लाम मजहब सहित दुनिया की हर सभ्‍यता भारत के प्रभाव में आती चली जाएगी।

फांसिस ने इस किताब को 2003 में लिखा था, इसलिए इस किताब का आज के मोदी युग से प्रभावित साबित नहीं किया जा सकता है। लेकिन देखिए बात कितनी सच हुई। भाजपा का भले ही विभाजन नहीं हुआ हो, लेकिन विचारधारा स्‍तर पर इसका एक तरह से विभाजन तो हुआ ही।

अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में भाजपा अपनी मूल विचारधरा- 'हिंदुत्‍व' से पूरी तरह से कट गयी- राम मंदिर, धारा- 370 और समान नागरिक संहिता जैसे मुददे ठंडे बस्‍ते में डाले गए, राम जन्‍मभूमि के नायक आडवाणी जी जिन्‍ना के मजार पर पहुंच कर अपना मर्सिया पढ़ आए ताकि लोग उन्‍हें सेक्‍यूलर माने, 2013 में मोदी के उभार के समय यह आडवाणी जी नीतीश कुमार के साथ मिलकर भाजपा को दो धरे में बांटने का कार्य तो कर ही चुके थे, लेकिन आरएसएस के कारण उनकी दाल नहीं गली और मोदी की लीडरशिप में एक नए भाजपा का उदय हुआ।

भाजपा की सेक्‍यूलर विचारधारा वाली बूढी पीढ़ी बियावान में चली गयी है, भाजपा में कांग्रेसी कल्‍चर लाने वाले नेता प्रमोद महाजन जैसे नेता आज इस दुनिया में नहीं है, कुछ कांग्रेसी अभी हैं, शायद वह भी बियावान में न चले जाएं- सब कुछ वैसा ही तो होता चला गया है, जैसा नास्‍त्रेदमस ने लिखा था।

आज संस्‍कृत के प्रति दुनिया में उत्‍साह देखा जा रहा है, एप्‍पल के संस्‍थापक स्‍टीव जॉब्‍स से लेकर फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जुकरबर्ग तक हिंदुत्‍व की बात कर रहे हैं, संयुक्‍त अरब अमिरात की इस्‍लामी राजशाही मंदिर के लिए जमीन दे रही है, यमन का शासक यज्ञ करवा रहा है, सउदी अरब पाकिस्‍तान को छोड़कर भारत के साथ रिश्‍ते मजबूत कर रहा है, ईरान ने पाकिस्‍तान को बाईपास कर भारत तक समुद्र के रास्‍ते गैस पाइप लाइन बिछाने और अपने यहां भारत सरकार को पोर्ट विकसित करने का न्‍यौता दिया है ताकि चीन-पाक गठजोड़ को तोड़ा जा सके। इस्‍लाम के अलावा यहूदी देश इसराइल व इसाई देश यूरोप-अमेरिका भारत की ओर उत्‍सुकता भरी नजरों से देख रहे हैं।

यह सब नास्‍त्रेदमस की हजारों साल पहले की गई भविष्‍यवाणी की ओर ही तो संकेत कर रहा है। उस व्‍यक्ति ने हजारों साल पहले समय को पढ लिया था, लेकिन भारत के कांग्रेसी चाटुकार, जातिवादी मानसिकता के दलाल और मरणासन्‍न वामपंथी विचारधारा के पत्रकार व बुद्धिजीवी जबरदस्‍ती समय की चाल को न समझने की कोशिश कर हैं... और देखिए, धीरे धीरे ये सभी उपहास के पात्र बनते जा रहे हैं। पहले का पंच 'सेक्‍यूलरिज्‍म' आज एक गाली बन चुका है... सब कुछ वैसा ही तो हो रहा है... जैसा नास्‍त्रेदमस ने लिखा था... #‎SandeepDeo

 

Web Title: Nostradamus Prediction for India Future

Keywords: भाजपा| कांग्रेस| नास्‍त्रेदमस की भविष्‍यवाणी| नास्‍त्रेदमस की भारत को लेकर भविष्‍यवाणी| हिंदुत्‍व| भारत धर्म| हिंदू धर्म| nostradamus india predictions| Nostradamus Prediction for India Future