असहिष्णुता: क्‍या आप जानते हैं शाहरुख खान की मां आपातकाल में संजय गांधी की उस टीम में शामिल थीं, जिसने मुसलमानों के जबरन नसबंदी का फैसला किया था!

संदीप देव। मैं 'असहिष्‍णुता' पर जिन तथ्‍यों सामने रख रहा हूं, उससे पहले बहुत कम लोग परिचित थे और यह दर्शाता है कि कांग्रेस-वामपं‍थियों ने किस तरह झूठ की बुनियाद पर देश का पूरा इतिहास लिखा है! #असहिष्‍णुता पर पहले मैंने यह बताया था कि किस तरह से आमिर खान के पूर्वज मौलाना अब्‍दुल कलाम आजाद ने भारत के साथ धोखे का व्‍यवहार किया। मौलाना आजाद आमिर खान के पड़नाना थे।

 

मौलाना आजाद की पुस्‍तक 'इंडिया विन्‍स फ्रीडम' पढि़ए, उन्‍होंने देश विभाजन का सारा दोष जिस एक मात्र राजनेता पर मढ़ा है वह जवाहरलाल नेहरू थे। धार्मिक भाईचारा दिखाते हुए जिन्‍ना को उन्‍होंने इससे पूरी तरह से बरी किया है। आजादी से पूर्व मौलाना आजाद कांग्रेस के अध्‍यक्ष भी थे और उनकी मंशा थी कि भारत विभाजन के बाद यदि वह भारत में रुकें तो उन्‍हें देश का प्रधानमंत्री बनाया जाए। वह महात्‍मा गांधी के पास गए, लेकिन गांधी उन्‍हें लगातार अध्‍यक्ष बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे और गांधी ने उनके बाद बहुमत में होते हुए भी सरदार की जगह नेहरू को अध्‍यक्ष बनवा दिया था। संविधान सभा में फिर से मौलाना आजाद ने अल्‍पसंख्‍यक कार्ड खेला था और तब सरदार ने उन्‍हें फटकार लगायी थी।

मेरी दूसरी पोस्‍ट अपातकाल के दौरान दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल किशनचंद की आत्‍महत्‍या से संबंधित था। अपातलकाल के दौरान मुसलमानों की जबरन नसबंदी और मना करने पर उन पर तुर्कमान गेट पर बरसाई गयी गोलियां और चलाए गए बुलडोजर के अत्‍याचार ने उन्‍हें इस कदर अपराधबोध से भर दिया था कि उन्‍होंने आत्‍महत्‍या कर लिया था।

आज आपको बताऊंगा कि संजयगांधी की उस तानाशाही ब्रिगेड की एक सदस्‍य आज के फिल्‍मस्‍टार शाहरुखखान की मां लतीफ फातिमा भी थी। यह वही ब्रिगेड थी जो मुसलानों का जबरन बधिया कराने, उन पर गोलियां बरसाने, जनता पर तरह तरह का जुल्‍म करने वाले निर्णय ले रही थी और इनके अगुआ इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी थे। जगमोहन, लतीफ फातिमा, नवीन चावला (सोनिया गांधी द्वारा पूर्व में मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त बनाए गए ), रुकसाना सुल्‍ताना, जगदीश टाइटलर, आदि जनता पर जुल्‍म करने वाली टीम का मुख्‍य हिस्‍सा थे।

ताज्‍जुब देखिए, जिस आमिर खान के पड़नाना मौलाना आजाद, महात्‍मा गांधी से लेकर संविधान सभा तक को अल्‍पसंख्‍यक कार्ड खेलते हुए ब्‍लैकमेल कर रहे थे, जिस शाहरुख खान की मां अपातकाल में मुसलमानों की जबरन नसबंदी करने की निर्णय वाली टीम का हिस्‍सा थी- आज वही लोग असहिष्‍णुता की बात कर रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि आमिर-शाहरुख अपने पूर्वजों के कुकर्मों से परिचति नहीं हैं, बल्कि सच तो यह है कि ये कांग्रेस राज में हर कुकर्म करने के लिए आजाद थे। और आज उन्‍हें यह आजादी छिनती प्रतीत हो रही है। जैसे फेरा उल्‍लंघन, टैक्‍स चोरी, हवाला कारोबार, अवैध निर्माण, क्रिकेट-सिनेमा में ब्‍लैकमनी आदि के इनके खेल में इन्‍हें कांग्रेस आलाकमान का बराबर सहयोग मिलता रहा है। और आज जब केंद्र में सरकार बदलते ही यह सहयोग छिन गया है तो इनका 'असहिष्‍णुता राग' बजने लगा है। ये देश को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर बदनाम करने पर तुल गए हैं।

भविष्‍य हमेशा अतीत की नींब पर खड़ा होता है और इन सभी का अतीत अर्थात इनके पूर्वजों का कुकृत्‍य देश व उनकी जनता के साथ धोखे वाला रहा है तो इनसे देश के प्रति वफादारी व सकारात्‍मकता की उम्‍मीद भला कैसे की जा सकती है?

#संदीपदेव #Sandeepdeo

Web Title: who is real intolerant-3

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