जीवन मंत्र

स्ट्रेस मॅनेजमेंट का फंडा

एक मनोवैज्ञानिक स्ट्रेस मॅनेजमेंट के बारे में, अपने छात्रों से मुखातिब था। उसने पानी से भरा एक ग्लास उठाया। सभी ने समझा की अब "आधा खाली या आधा भरा है", यही पुछा और समझाया जाएगा! मगर मनोवैज्ञानिक ने पूछा..''कितना वजन होगा इस ग्लास में भरे पानी का?'' सभी ने 300 से 400 ग्राम तक अंदाज बताया!

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लंबे कान वाला व्‍यक्ति होता है धनवान!

दीवारों के भी कान होते हैं यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन क्या आपने अपने कान पर गौर फरमाया है कि उनकी बनावट भी आपके व्यक्तित्व के राज खोलती है आइए जानते हैं कानों के आकार से आपके व्‍यक्तित्‍व के बारे में...

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आंखों की गहराई व भौहों की बनावट बता देता है आपका व्‍यक्तित्‍व

नई दिल्‍ली। किसी भी व्यक्ति को देखकर उसकी चारित्रिक विशेषताओं का आकलन किया जा सकता है। चेहरा हमारे व्यक्तित्व और स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। मन के भीतर जो भाव चलते हैं वही चेहरे पर प्रतिबिंबित होते हैं। आइए जानते है ज्योतिष के आधार पर भौहों और आंखों की बनावट से कैसे की जाती है व्यक्ति की पहचान।

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अपनी सकारात्‍मक और नकारात्‍मक सोच की जांच कुछ इस तरह करें

राजीव शर्मा, नई दिल्‍ली। कई बार देखने में आता है कि किसी महिला में तमाम खुबियां होने के बावजूद भी जाने-अनजाने में उसमें कुछ ऐसे अवगुण आ जाते हैं जो उसके व्यक्तित्व में चांद के दाग की तरह होते हैं। इसलिए किसी भी आकर्षक व्यक्तित्व वाली महिला बनने के लिए यह जरूरी होता है कि उसके आचार-व्यवहार में कहीं भी कोई नकारात्मकपन न हो, क्योंकि इससे न केवल आपका व्यक्तित्व ही खराब होता है बल्कि घर-परिवार, ऑफिस आदि में भी आपकी इमेज खराब होने लगती है। समाज में अपनी अच्छी छवि बनाए रखने के लिए आपको अभी से अपने व्यक्तित्व का विश्लेषण कर लेना चाहिए। इस काम में आपकी मदद के लिए हम यहां दे रहे हैं एक व्यक्तित्व मीटर। इसके सहारे आप खुद ही पता लगा सकती हैं कि आपमें कहां-कितनी कमी है।

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लोमड़ी और कौआ

एक  कौआ को मांस का एक टुकड़ा कहीं से मिल गया। अपनी चोंच से पकड़े हुए वह एक पेड़ की ओर उड़ चला और पेड़ की डाली पर बैठ गया। एक लोमड़ी ने जैसे ही कौए की चौंच में मांस का टुकड़ा देखा, उसकी लालसा उसे पाने की हुई। लोमड़ी ने सिर उठा कर कौए की तरफ देखा और कहा, 'मित्र, तुम कितने सुंदर हो। तुम्हारे पंख कितने अदभुत और सुंदर हैं। क्या तुम्हारी आवाज़ भी वैसे ही मीठी है जैसे सुंदर तुम दिखते हो? यदि ऐसा है तो तुम पक्षियों के राजा हो।'

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हिंदुओं की जातिप्रथा ने उन्‍हें हर बार ह...
हिंदुओं की जातिप्रथा ने उन्‍हें हर बार हराया

संदीप देव।्‍हारी जातिवादी मानसिकता ने इतिहास मे तुम्‍हें किस तरह से हराया है... कुछ उदाहरण दे रहा हूं, ठीक से पढो मैं कह चुका हूं मैं जेहादी और जातिवादी को पशु से [...]

हिंदी की एक भी पुस्‍तक बेस्‍ट सेलर सूची ...

संदीपदेव‬।को इस पुस्‍तक गी-एक योद्धा'अगस्‍त को हरिद्वार में इसका लोकार्पण होना तय हुआ है। इसका प्रकाशन दुनिया में सबसे अधिक [...]

कभी स्‍वामी रामदेव पर हमला कर चुके वामपं...
कभी स्‍वामी रामदेव पर हमला कर चुके वामपंथी व कांग्रेसी उनकी जेड श्रेणी सुरक्षा से हैं असहज!

संदीप देव। गृहमंत्रालय ने जिस दिन जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई, उस दिन वामपंथी मीडिया मातम मना रहा था। सबसे अधिक दुखी पूर्व वित्‍त मंत्री पी.चिदंबरम के 5000 करोड़ रुपए [...]

Anti-development activities by the NGOs ...
Anti-development activities by the NGOs in India

As a first step to fast-tracking develop [...]

पापा मेरी बलि न दो, मैं बीज हूं!...
पापा मेरी बलि न दो, मैं बीज हूं!

संजू मिश्रा।ैं बीज हूं,
हरियाली तीज हूं ।

बिहार चुनाव में भाजपा के खलनायक: प्रशांत...

संदीप देव।त्री नीतीश कुमार की पहली जीवनी वरिष्‍ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने लिखी थी। संकर्षण को आप अकसर एबीपी न्‍यूज पर देखते होंगे। वो टेलीग्राफ में शायद रोविंग एडिटर हैं। संकर्षण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दामन [...]

भारत-चीन युद्ध: नेहरू ने देश को छला, भार...
भारत-चीन युद्ध: नेहरू ने देश को छला, भारतीय महिलाओं के आभूषण हड़पे और कम्‍युनिस्‍टों ने कहा, चीन ने नहीं, बल्कि भारत ने चीन की जमीन छीनी है!

संदीप देव‬रेसियों के खून में जो गद्दारी दिखती है, देश में उसका सबसे बेहतरीन उदाहरण सन 1962 में हुआ भारत-चीन युद्ध था, जिसमें नेहरू ने देश को छला और भारत [...]

प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए शर्लिन चोपड़ा की...
प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए शर्लिन चोपड़ा की न्‍यूड फोटोशूट की तस्वीरें आईं सामने

दो साल पहले शर्लिन चोपड़ा के प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए किए गए न्यूड फोटोशूट की बहुत चर्चा हुई थी. कुछ लोगों को भले ही इस फोटोशूट की खबरें याद न हो लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेसब्री [...]

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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