शिक्षा

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली। मोहन गार्डन स्थित कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढाओ' अभियान महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय ,स्वास्थ्य मंत्रालय, परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की संयुक्त पहल है। इसके अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश समाज में दिया गया है।  

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स्‍वामी रामदेव का अगला लक्ष्य, देश में पुन: वैदिक शिक्षा की स्थापना करना है

संदीप देव। 5 जनवरी 2009 को भ्रष्टाचार से मुक्ति, काला धन की वापसी, स्वदेशी को सम्मान और संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन को लेकर स्वामी रामदेव ने ‘भारत स्वाभिमान’ आंदोलन की शुरुआत की थी। भारत स्वाभिमान आंदोलन का मूल दर्शन ‘अध्यात्मिक न्यायवाद’ पर आधारित है। अर्थात समाज के आखिरी छोर पर स्थित व्यक्ति की संपूर्ण भौतिक एवं अध्यात्मिक उन्नति ही भारत स्वाभिमान आंदोलन का अंतिम लक्ष्य है।

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नालंदा विश्‍विद्यालय में सात विषयों की होगी पढ़ाई

नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की मूल भावना प्राचीन महाविहार की तर्ज पर होगी। तत्कालीन महाविहार में बौद्ध धर्म के महायान और हीनयान सम्प्रदायों के धार्मिक ग्रंथों के अलावा हेतुविद्या (न्याय), शब्द विद्या (व्याकरण), चिकित्सा विद्या और वेदों की पढ़ाई होती थी। नए विश्वविद्यालय में सात विषयों की पढ़ाई होगी।

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ममता, सृजन और संयम का गुण आपको बना सकता है नर्सरी टीचर

बच्चों की दुनिया को समझना कोई खेल नहीं है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि बच्चों को सम्भालना, उन्हें पढ़ाना सिखाना आसान काम होता है। लेकिन उनके मूड को समझकर उनके साथ चलना इतना आसान नहीं है। विशेष तौर पर घर से नए नए स्कूल जाने वाले बच्चों को अगर स्कूल में उनके घर जैसा प्यार और अपनापन न मिले तो वह पलभर भी वहां नहीं टिकेंगे। लेकिन इस काम को बेहद अपनेपन से अंजाम देती हैं 'नर्सरी टीचर्स'। नर्सरी टीचर वो होती हैं जो स्‍कूल में बच्‍चों को मां की कमी महसूस नहीं होने देतीं । यदि आपमें मां की ममता, सृजनात्‍मकता और संयम का गुण है तो आप एक बेहतरीन नर्सरी टीचर गुण रखती हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकती हैं।

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विदेशी भाषा, सीखने के रोमांच के साथ करियर का बेहतरीन विकल्‍प

विदेशी भाषा के बलबूते पर भी आप अपने करियर को अलग मोड़ दे सकते हैं । विदेशी भाषा सीखने का चलन आजकल जोरों पर हैं और बात अगर इसको सीखकर भविष्य की करें तो एमएनसी कम्पनी से लेकर एम्बेसी, अनुवादक, होटल, लैंग्वेज एक्सपर्ट आदि के रूप में कार्यरत हो सकते हैं।

12वीं के बाद Foreign language courses कर आप अपने करियर को बुलन्दियों पर पहुंचा सकते हैं । आजकल इस कोर्स का चलन जोरों पर है । ऐसे बहुत से छात्र हैं जो 12वीं के बाद इसी में डिग्री लेने की सोचते हैं या फिर स्नातक के साथ-साथ भी आप इसे पार्ट टाइम में सीख सकते हैं।

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