महिलाओं के लिए संभावनाओं से भरा है आभूषण उद्योग!

नई दिल्‍ली। जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी उद्योग में अपार संभावनाओं के रहते हुए भी महिला उद्यमियों के समक्ष कदम-कदम पर चुनौतियां ही चुनौतियां हैं। पुरुषों के परंपरागत कारोबार वाले इस क्षेत्र में महिलाओं को उनके पूर्वग्रह से लेकर आभूषणों के निर्माण, विपणन, कच्‍चे माल, अप्रशिक्षित कामगार और रिटेल क्षेत्र में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ समय पूर्व जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी इंडस्‍ट्रीज में 10 वर्षों से काम कर रही महिला उद्यमियों और नवागंतुक के बीच फिक्‍की लेडीज आर्गेनाइजेशन (FLO) ने सर्वे किया। एफएलओ ने पाया कि इस उद्यम में महिलाओं के समक्ष ढेर सारी चुनौतियां हैं।

 

 दिल्‍ली में चुनौतियां ही चुनौतियां

'वुमन इंटरप्रेन्‍योर इंन जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी सेक्‍टर' नामक इस सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आया कि देश की राजधानी दिल्‍ली में इस क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को गुणवत्‍ता वाली जेम्‍सस्‍टोन हासिल करने में भारी मशक्‍कत का सामना करना पड़ता है, वहीं गुजरात में इस व्‍यवसाय के लिए सबसे अधिक अनुकूल माहौल है।

गुजरात दे रहा है सबसे बेहतरीन माहौल
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्‍ली के लोगों का दिमाग अभी भी बेहद परंपरागत है। वो इस क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ने की राह में कई तरह की अड़चन पहुंचाते हैं। वहीं, इस उद्योग के लिए गुजरात सरकार देश के लिए रॉल मॉडल का काम कर रही है। गुजरात सरकार ने इस व्‍यवसाय के लिए न केवल मजबूत बुनियादी संरचना उपलब्‍ध कराया है, बल्कि इसके लिए बाजार भी विकसित किया है। वहां इस व्‍यवसाय के लिए बेहद अनुकूल माहौल है। जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी उद्योग में गुजरात देश अव्‍वल है। देश से निर्यात होने वाले रत्‍न, पत्‍थर, मोती आदि के आभूषणों में 72 फीसदी हिस्‍सेदारी गुजरात की है।

नहीं मिल पा रही पर्याप्‍त वित्‍तीय सहायता
एफएलओ ने अपने सर्वे में पाया कि जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी उद्योग को बैंकिंग सेक्‍टर का सहयोग मिलने के बावजूद यहां उद्यमियों को पर्याप्‍त वित्‍तीय सहायता नहीं मिल पा रहा है। उद्यमियों का मानना है कि यही हमें ग्‍लोबल परिस्‍पर्द्धा में बने रहना है तो सरकार को इस इंडस्‍ट्री की मदद के लिए और भी अधिक उदार नीति अपनाना होगा।

विकास की अपार संभावना
एफएलओ ने पाया है कि इस उद्योग में महिलाओं को बढ़ने की अपार संभावना है। अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप आभूषणों के निर्माण के लिए इस सेक्‍टर का आधुनिकीकरण किया जाना बेहद जरूरी है। भारतीय उपभोक्‍ताओं, खासकर मध्‍यवर्ग की क्रय क्षमता में वृद्धि हुई, जिसे महिलाएं एक संभावना के रूप में ले सकती हैं और इस व्‍यवसाय में बिना संकोच उतर सकती हैं। जो महिला उद्यमी इस क्षेत्र में कार्यरत हैं, वो मानती हैं कि यह एक उम्‍मीद व लाभ से भरा उद्यम है।

भारत में ब्रांडेड ज्‍वेलरी का भविष्‍य उज्‍जवल
एफएलओ की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ब्रांडेड ज्‍वेलरी का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। खासकर हीरा जडि़त सोने के जेवरात की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसी योजना बननी चाहिए जिससे कि ब्रांडेड ज्‍वेलरी का बाजार और तेजी से बढ़ सके।

सरकार सहयोग के लिए आगे आए
सर्वे के आधार पर एफएलओ ने सरकार को संस्‍तुति दी है कि वो इस क्षेत्र के विकास के निए नई नीति लेकर आए ताकि महिलाएं जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी उद्यम में अपना करियर बना सकें। प्रशिक्षित कामगारों की कमी को दूर करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए। उद्यमियों ने यह राह भी सुझाया है कि लगातार बेहतरी व हुनर बढ़ाने के लिए जगह-जगह केंद्र भी स्‍थापित किया जाना चाहिए। एफएलओ ने सरकार को भेजे अपनी रिपोर्ट में कहा है कि महिला उद्यमियों के लिए सरकार को विशेष कदम उठाए जाने की जरूरत है।

निष्‍कर्ष
एफएलओ का निष्‍कर्ष है कि जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी उद्योग में महिला उद्यमियों के लिए एक प्‍लेटफॉर्म विकसित होना चाहिए जहां राष्‍ट्रीय व अंतरराष्‍ट्रीय पर पार्टनरशिप, बाजार चेन और नेटवर्क विकसित करने में उन्‍हें मदद मिल सके।