बोलने की आजादी का मतलब चुप रहने का हक भी होता है: शाहरुख खान

शाहरुख खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘फैन’ के प्रमोशन में बिजी हैं। सोमवार को यहां फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि बोलने की आजादी का मतलब चुप रहने का हक भी होता है। मीडिया ने इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर उनके विवादित बयान से हुए हंगामे के बाद उनके एक्सपीरियंस को लेकर सवाल किए थे। 

 

- इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा, "जब मैं मुंबई इंडियन्स और केकेआर का मैच देखता हूं तो एक ही अपील करना चाहता हूं और वो है - आउट। मैं बाकी चीजों में नहीं उलझना चाहता। फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब चुप रहना भी तो होता है। इसलिए इन्टॉलरेंस पर मैं चुप ही रहना चाहूंगा।"

- बता दें कि 2 नवंबर को अपने 50वें बर्थडे के मौके पर उन्होंने कहा था कि देश में इन्टॉलरेंस बढ़ रहा है।

- इसके बाद उन्हें देशभर में विरोध झेलना पड़ा था।

- उनकी मूवी 'दिलवाले' का बायकॉट किया गया था।

बयान पर मांगनी पड़ी थी माफी

- दिसंबर में एक टीवी शो के दौरान शाहरुख ने कहा - "मैंने कभी ये नहीं कहा कि देश में इन्टॉलरेंस बढ़ रहा है। मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।"

- उन्होंने आगे कहा था, "अगर किसी को इस बात से दुख पहुंचा हो, तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।"
किस बयान पर मचा था बवाल?

- शाहरुख खान ने 2 नवंबर को कहा था- देश में इन्टॉलरेंस बढ़ रहा है। अगर मुझे कहा जाता है, तो एक सिम्बॉलिक जेस्सर के तहत मैं भी अवॉर्ड लौटा सकता हूं।

- उन्होंने कहा था- भारत में कोई देशभक्त सेक्युलरिज्म के खिलाफ जाकर सबसे बड़ी गलती करता है।

- उनसे भारत में बतौर मुस्लिम उनकी जिंदगी पर सवाल पूछा गया था। इस पर शाहरुख ने कहा था- कोई भी मेरी देशभक्ति पर सवाल नहीं उठा सकता। कोई ऐसी हिम्मत नहीं कर सकता।

- बॉलीवुड स्टार ने कहा था- एक स्टार होने के नाते सभी नैतिक मुद्दों पर स्टैंड नहीं ले सकता।

- उन्होंने आगे कहा था- हम फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात कर सकते हैं। लेकिन लोग मेरे घर के बाहर आ जाएंगे और पत्थर फेंकेंगे। अगर कोई स्टैंड लेता है तो मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा।
विवाद हुआ तो क्या बोले?

- जब आमिर खान भी इन्टॉलरेंस पर एक बयान देकर विवादों में आ गए तो शाहरुख अपने पहले के बयान से पलट गए।

- उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार से कहा था, "मैंने कभी नहीं कहा था कि भारत इन्टॉलरेंट है। जब मुझसे इस बारे में पूछा गया था, तो मैंने सिर्फ यही कहा था कि देश के यंगस्टर्स को सेक्युलर-प्रोग्रेसिव सोसाइटी बनाने पर फोकस करना चाहिए।"
अभी भी पीछा नहीं छोड़ रहा है यह मुद्दा

- शाहरुख का 15 फरवरी को हंसराज कॉलेज में भी विरोध हुआ था। वे यहां 28 साल बाद बीए की डिग्री लेने पहुंचे थे।

- शाहरुख जब कॉलेज पहुंचे, तब स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने उनके इन्टॉलरेंस के बयान के खिलाफ प्रोटेस्ट करना शुरू कर दिया।

- दिल्ली पुलिस ने नारेबाजी कर रहे चार स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया। पुलिस से इनकी बहस भी हुई। बाद में इन सभी को रिहा कर दिया गया।

भुज में 'रईस' की शूटिंग के दौरान भी विरोध

- फरवरी के पहले हफ्ते में शाहरुख 'रईस' फिल्म की शूटिंग के लिए गुजरात के भुज पहुंचे थे।

- शूटिंग के बारे में जैसे ही जानकारी विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को लगी, उसके मेंबर्स ने विरोध करना शुरू कर दिया।

- फिल्म की शूटिंग भुज, धोरडो और मांडवी के बीच पर हुई। लेकिन शुरुआत में विरोध के कारण भुज की खारी नदी के किनारे होने वाली शूटिंग कैंसल करनी पड़ी।

- बाद में सिक्युरिटी के बीच फिल्म की शूटिंग हुई। शाहरुख की कार पर पत्थर भी फेंके गए।
क्या है इन्टॉलरेंस का मुद्दा?

- यूपी के दादरी में गोमांस रखने के शक में एक शख्स की हत्या हुई। इससे पहले कन्नड़ लेखक कलबुर्गी का मर्डर हुआ। इसी के बाद इन्टॉलरेंस का मुद्दा भड़का।

- अवॉर्ड वापसी की शुरुआत हुई। 40 से ज्यादा लेखकों ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाए।

- 13 इतिहासकार और कुछ वैज्ञानिकों ने भी राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाए। दिबाकर बनर्जी जैसे 10 फिल्मकारों ने नेशनल अवॉर्ड लौटाए।

- आमिर खान, शाहरुख खान, एआर रहमान और अरुंधति रॉय जैसी शख्सियतों ने इस मुद्दे पर बयान दिए, जो विवादों में रहे।

- बिहार असेंबली इलेक्शन में भी इस मुद्दे को नेताओं ने खूब भुनाया था।

साभार: bhaskar.com

Web Title: shahrukh-khan-says-freedom-of-speech-also-means-right-to-be-silent