ज्ञान-विज्ञान

स्त्रियों को हमेशा के लिए अपंग बनाने की वह दर्दनाक प्रथा!

औरतों के प्रति दुनिया के हर समाज में आदि काल से भेदभाव रहा है, जो वहां की अलग-अलग प्रथाओं में दृष्टिगोचर भी होता रहा है। ऐसे ही चीनी समाज में जिंदगी भर के लिए महिलाओं को अपंग बनाने की प्रथा रही है। बेटी के दो साल का होते ही उसके पैर बांध दिए जाते थे ताकि वह बड़े न हो सकें और पुरुषों को आकर्षित कर सकें। इसकी वजह से औरतें ताउम्र एक अपाहिज की तरह जीवन जीती थी। 

 

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दिमाग तेज करना है तो सीखें दो भाषा!

आईएएनएस। वाशिंगटन। अगर आप अपना दिमाग तेज करना चाहते हैं, तो दो भाषाएं सीखें क्योंकि एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि दो भाषा सीखने वालों का दिमाग अन्य की तुलना में तेज होता है। ऐसा मस्तिष्क के कार्यकारी नियंत्रण क्षेत्र में ग्रे मैटर के अधिक जमाव के कारण होता है। इससे पहले माना जाता था कि दो भाषा सीखने से बच्चों में भाषा के विकास में विलंब होता है, क्योंकि इसके लिए उन्हें दो शब्दावलियों को विकसित करना पड़ता है। शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेरिकन साइन लैंग्वेज (एएसएल) व स्पोकन इंग्लिश के द्विभाषियों तथा एक भाषा के जानकारों के ग्रे मैटर के बीच तुलना की।

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जॉब्स के कहने पर नीब किरौरी आश्रम आए थे जुकरबर्ग, यहीं मिला FB को नया मिशन!

पंतनगर (उत्तराखंड)। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी से अमेरिका में मुलाकात के दौरान फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत में एक मंदिर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वे एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की सलाह पर भारत के इस मंदिर में गए थे। जुकरबर्ग ने इस मंदिर का नाम नहीं बताया था। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मंदिर नैनीताल के पास पंतनगर में बाबा नीब करौरी के आश्रम में ही था। इसी आश्रम में 1974 में जॉब्स आए थे। हॉलीवुड एक्ट्रेस जुलिया रॉबर्ट्स भी यहां एक बार आ चुकी हैं। आश्रम चलाने वाले ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि जुकरबर्ग ने यहां दो दिन बिताए थे। यह साफ नहीं है कि जुकरबर्ग किस साल इस आश्रम में आए थे।

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1966 का वह गो-हत्‍या बंदी आंदोलन, जिसमें हजारों साधुओं को इंदिरा सरकार ने गोलियों से भुनवा दिया था! आंखों देखा वर्णन!

संदीप देव। देश के त्याग, बलिदान और राष्ट्रीय ध्वज में मौजूद 'भगवा' रंग से पता नहीं कांग्रेस को क्‍या एलर्जी है कि वह आजाद भारत में संतों के हर आंदोलन को कुचलती रही है। आजाद भारत में कांग्रेस पार्टी की सरकार भगवा वस्त्रधारी संतों पर गोलियां तक चलवा चुकी है! गो-रक्षा के लिए कानून बनाने की मांग लेकर जुटे हजारों साधु-संत इस गांलीकांड में मारे गए थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुए उस खूनी इतिहास को कांग्रेस ने ठीक उसी तरह दबा दिया, जिस कारण आज की युवा पीढ़ी उस दिन के खूनी कृत्‍य से आज भी अनजान है! 

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एक ऐसा देश जहां लड़कियों को छुपाने के लिए बना देते है लड़का!

काबुल। अफगानिस्तान में जिन परिवारों में सिर्फ लड़कियां जन्म लेती हैं वहां पर आर्थिक और सामाजिक कारणों के चलते लड़कियों को लड़कों की तरह पालने की परंपरा चली आ रही है। इस चलन को बाचा-पोश कहते हैं। इसमें लड़कियों को न केवल लड़कों का पहनावा दिया जाता है बल्कि उनके सिर के बाल भी लड़कों की तरह छोटे रखे जाते हैं।

 

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