रोचक

जॉब्स के कहने पर नीब किरौरी आश्रम आए थे जुकरबर्ग, यहीं मिला FB को नया मिशन!

पंतनगर (उत्तराखंड)। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी से अमेरिका में मुलाकात के दौरान फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत में एक मंदिर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वे एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की सलाह पर भारत के इस मंदिर में गए थे। जुकरबर्ग ने इस मंदिर का नाम नहीं बताया था। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मंदिर नैनीताल के पास पंतनगर में बाबा नीब करौरी के आश्रम में ही था। इसी आश्रम में 1974 में जॉब्स आए थे। हॉलीवुड एक्ट्रेस जुलिया रॉबर्ट्स भी यहां एक बार आ चुकी हैं। आश्रम चलाने वाले ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि जुकरबर्ग ने यहां दो दिन बिताए थे। यह साफ नहीं है कि जुकरबर्ग किस साल इस आश्रम में आए थे।

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अफवाह के कारण रात भर नहाती रहीं महिलाएं!

मुकेश वर्मा, अलीगढ़, अतरौली, दैनिक जागरण। किसी के घर में जुड़वां बच्चों ने जन्म क्या लिया, कुछ लोगों ने पूरे गांव पर कहर बरसने की अफवाह फैला दी। प्रकोप से बचने के उपाय खोजे जाने लगे। उपाय बताया गया कि जिन महिलाओं के जितने बेटे हैं, वह उतनी ही बाल्टी पानी से नहाएं, तभी गांव पर आई विपदा समाप्‍त होगी। फिर क्या था,  अनजानी आपदा से बचने के लिए महिलाएं सोमवार रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक नहाती रहीं।

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अपनी जवानी बरकरार रखने के लिए 600 कुंवारी लड़कियों के खून से नहाने वाली महिला की कहानी!

हंगरी के इतिहास के पन्‍नों में दुनिया की शीर्ष एक महिला सीरियल किलर के तौर पर पहचान बनाने वाली एलिजाबेथ बाथरी की मौत के 400 साल पूरे हो चुके हैं. हंगरी के साम्राज्‍य में बाथरी परिवार से संबंध रखने वाली एलिजाबेथ ने 1585 से 1610 के दौरान स्‍लोवानिया के चास्चिस स्थित अपने महल में कम से कम 600 से ज्‍यादा लड़कियों और औरतों को मौत को घाट उतार दिया था. ऐसा बताया जाता है कि वह अपनी जवानी को बरकरार रखने के लिए कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी.

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समलैंगिक रिश्ते, दुनिया में कहीं ‘स्‍वीकार्य’ तो कहीं ‘अपराध’

नई दिल्ली। समलैंगिक लोगों के लिए तमाम धर्मों के दरवाजे बंद हैं, लेकिन ये भी सच है कि दुनिया की अलग-अलग सभ्यताओं में प्राचीन काल से ही समलैंगिक रिश्तों का जिक्र मिलता है। प्राचीन रोम, ग्रीस, मध्य यूरोप में निजी दायरे में होने वाली समलैंगिक शादियों का जिक्र है। चीन के फुजियान प्रांत में भी सार्वजनिक रूप से समलैंगिक शादियां होती थीं। कहा जाता है कि सिकंदर महान, प्लेटो, लियोनार्डो-द-विंची, माइकल एंजेलो जैसी तमाम ऐतिहासिक शख्सियतें समलैंगिक थीं। यूरोप में वैज्ञानिक सोच का प्रसार होने के बाद अल्बर्ट आईंस्टीन, सिगमड फ्रायड, एचजी वेल्स जैसी शख्सियतों ने समलैंगिता के हक में आवाज बुलंद की तो धीरे-धीरे कई देशों में इन्हें मान्यता मिलने लगी।

 

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केदानाथ मंदिर केवल आज सुरक्षित नहीं बचा, 400 साल तक बर्फ के नीचे दब कर भी वह सुरक्षित था!

केदारनाथ मंदिर पर भोलेनाथ की कृपा ही है, जो वह इस महाप्रलय में भी पूरी तरह से बच गया जबकि उसके पास का सबकुछ नष्‍ट हो गया! आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि केदारनाथ मंदिर 400 साल तक बर्फ के नीचे दबा रहा था, लेकिन तब भी उसे कुछ नहीं हुआ था! जियोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक इस बात से हैरान नहीं हैं कि ताजा जलप्रलय में केदारनाथ मंदिर बच गया, क्‍योंकि वो जानते है कि 400 साल तक बर्फ के नीचे दबे रहकर भी केदारनाथ मंदिर पूरी तरह से बच गया था!

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महिलाओं की माहवारी पर बीबीसी हिंदी की पे...
महिलाओं की माहवारी पर बीबीसी हिंदी की पेशकश: सैनिटरी पैड बनाती थीं, अब पाथती हैं उपले

सीटू तिवारी पटना से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए।के बाद उससे जुड़ी महिलाएँ बेरोज़गार हो गई हैं. लेकिन काम बंद [...]

दिमाग तेज करना है तो सीखें दो भाषा!...
दिमाग तेज करना है तो सीखें दो भाषा!

आईएएनएस। वाशिंगटन।हैं, तो दो भाषाएं सीखें क्योंकि एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि दो भाषा सीखने वालों का दिमाग अन्य की तुलना में तेज होता है। ऐसा [...]

असहिष्णुता: क्‍या आप जानते हैं शाहरुख खा...
असहिष्णुता: क्‍या आप जानते हैं शाहरुख खान की मां आपातकाल में संजय गांधी की उस टीम में शामिल थीं, जिसने मुसलमानों के जबरन नसबंदी का फैसला किया था!

संदीप देव। पर जिन तथ्‍यों सामने रख रहा हूं, उससे पहले बहुत कम लोग परिचित थे और यह दर्शाता है कि कांग्रेस-वामपं‍थियों ने किस तरह झूठ की बुनियाद पर देश का पूरा इतिहास लिखा [...]

वैदिक की जुबानी हाफिज सईद से मुलाकात और ...
वैदिक की जुबानी हाफिज सईद से मुलाकात और साक्षात्‍कार की पूरी कहानी

डॉ वेद प्रदाप वैदिक। हाफिज सईद से मेरी मुलाकात अचानक तय हुई। दो जुलाई की दोपहर को मैं भारत आनेवाला था। एक जुलाई की शाम को कुछ पत्रकार मुझसे बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आप भारत-विरोधी आतंकवाद [...]

प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए शर्लिन चोपड़ा की...
प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए शर्लिन चोपड़ा की न्‍यूड फोटोशूट की तस्वीरें आईं सामने

दो साल पहले शर्लिन चोपड़ा के प्लेब्वॉय मैगजीन के लिए किए गए न्यूड फोटोशूट की बहुत चर्चा हुई थी. कुछ लोगों को भले ही इस फोटोशूट की खबरें याद न हो लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेसब्री [...]

मर्द जाति के लिए कामुकता बेशकीमती रही है...
मर्द जाति के लिए कामुकता बेशकीमती रही है!

मैत्रेयी पुष्‍पा ।बेशकीमती रही है जिसे उसने कुश्ता और शिलाजीत जैसी औषधिओं से पोषा है और मर्दानगी का नाम दिया है। जाहिर कि मर्दानगी की प्रयोगशाला के रूप में औरत ही चुनी जायेगी। [...]

अमेरिकन व स्‍केनडिनेवियन ग्रीनपीस एनजीओ ...
अमेरिकन व स्‍केनडिनेवियन ग्रीनपीस एनजीओ और अरविंद केजरीवाल के रिश्‍ते को समझिए!

संदीप देव।न और स्‍केनडिनेवियन (नार्वे, स्‍वीडन, डेनमार्क) की एनजीओ 'ग्रीनपीस' की भारत में पदाधिकारी प्रीया पिल्‍लई को लंदन जाने के क्रम में दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अडडे पर [...]

यह जम्‍मू-कश्‍मीर के बंटवारे की पटकथा तो...
यह जम्‍मू-कश्‍मीर के बंटवारे की पटकथा तो नहीं!

संदीप देव।ं भाजपा-पीडीपी के बीच गठबंधन का बहुत ज्‍यादा विरोध भी हो रहा है और समर्थन भी। मुझे लगता है मौका दिया जाना चाहिए, क्‍योंकि आप दिल्‍ली में बैठकर विरोध तो कर रहे हैं लेकिन [...]

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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