अपनी जवानी बरकरार रखने के लिए 600 कुंवारी लड़कियों के खून से नहाने वाली महिला की कहानी!

हंगरी के इतिहास के पन्‍नों में दुनिया की शीर्ष एक महिला सीरियल किलर के तौर पर पहचान बनाने वाली एलिजाबेथ बाथरी की मौत के 400 साल पूरे हो चुके हैं. हंगरी के साम्राज्‍य में बाथरी परिवार से संबंध रखने वाली एलिजाबेथ ने 1585 से 1610 के दौरान स्‍लोवानिया के चास्चिस स्थित अपने महल में कम से कम 600 से ज्‍यादा लड़कियों और औरतों को मौत को घाट उतार दिया था. ऐसा बताया जाता है कि वह अपनी जवानी को बरकरार रखने के लिए कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी.

लड़कियों की हत्या करने से पहले बाथरी लड़कियों के ऊपर काफी जुल्‍म ढाती थी. उनकी बर्बरता से पिटाई और शरीर के अंगों को जला या काट देना आम बात थी. करीब 25 सालों के उसके खुनी आतंक के बाद 1610 में उसे गिरफ्तार किया गया था और उसकी मौत 21 अगस्‍त 1614 को हो गई थी. हालांकि, इतना वक्‍त बीतने के बाद भी चास्चिस स्थित महल स्‍थानीय लोगों को बीते वक्‍त की याद दिला देता है.

एलिजाबेथ बाथरी के बारे में कहा जाता है कि वह अपनी जवानी को बरकरार रखने के लिए कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी. उसने अपने तीन नौकरों की सह से करीब 650 लड़कियों की निर्मम तरीके से हत्‍या की थी. हालांकि, मौतों की सही संख्‍या की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि रिपोर्टों की मानें तो इसे 500-650 के बीच बताया जाता है. जिस समय बाथरी को गिरफ्तार किया गया था उस समय महल में से कई लड़कियों की विकृत लाशें और कुछ जिंदा बेडि़यों से जकड़ी बरामद की गई थीं.

एलिजाबेथ ने 1585 से 1610 के बीच इन अपराधों को अंजाम दिया था. उसकी शादी फेरेंक नैडेस्‍डी नाम के शख्‍स से हुई थी और वह तुर्कों के खिलाफ युद्ध में हंगरी का राष्‍ट्रीय हीरो था. जब तक बाथरी का पति था तब भी वह लड़कियों को अपना शिकार बनाती थी, लेकिन 1604 में पति की मौत के बाद उसके जुर्म की इंतिहा हो गई थी.

चास्चिस में आसपास के गांवों से लगातार लड़कियां गायब होने लगीं. बाथरी मुख्य रुप से किसानों और गरीबों को महल में अच्‍छे पैसे पर काम देने का झांसा देकर उनकी लड़कियों को गायब कर देती थी. जब इलाके में लड़कियों की तादाद कम हो गई तो उसने ऊंचे परिवार की लड़कियों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया.

बाथरी के जुल्म की जानकारी

1610 में हंगरी के राजा के पास इस बात की जानकारी पहुंची तो उन्‍होंने जांच के लिए अपने लोग भेजे. जिसके बाद उसी वर्ष के दिसंबर में एलिजाबेथ को उसके तीन नौकरों के साथ अरेस्‍ट कर लिया गया. हालांकि, रसूख की वजह से एलिजाबेथ को सजा नहीं दी गई, लेकिन महल में उसे कैद कर दिया गया. चार साल बाद 21 अगस्‍त 1614 को उसकी मौत हो गई.

बाथरी पर लिखा गया है ड्रैकुला उपन्‍यास

बाथरी के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं और कुछ फिल्‍में भी बन चुकी हैं. ऐसा माना जाता है कि आयरलैंड के उपन्‍यासकार ब्राम स्‍टोकर ने बाथरी के विषय से ही प्रेरित होकर 1897 में ड्रैकुला उपन्‍यास लिखा था. औपको बता दें कि इस उपन्‍यास पर इसी नाम से कई फिल्‍में भी बन चुकी हैं.

बाथरी के लिए नफरत

चास्चिस शहर के लोग बाथरी के इतिहास से नफरत करते हैं. हाल में ही शहर के चौराहे पर जब बाथरी की मूर्ति लगाई गई थी तो उसका काफी विरोध हुआ था. लोगों ने कहा कि 'हमें बीते हुए वक्‍त से कोई मतलब नहीं है. हमें पता है कि उसने लड़कियों की हत्‍याएं की, लेकिन बाथरी हमारे लिए कोई मायने नहीं रखती है. हम कई बार महल के आसपास जश्‍न के लिए रात भर ठहर चुके हैं.'

Web title: Elizabeth Bathory - the Blood Countess

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साभार: http://www.shrinews.com/

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