हेल्‍दी टिप्‍स

आयुर्वेद के हिसाब से आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए क्या करे क्या न करें का विधान!

* दूध और कटहल का कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिये ।
*. दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए।
*. नमक और दूध (सेंधा नमक छोड़कर) दूध और सभी प्रकार की खटाइयां, दूध और मूँगफली, दूध और मछली, एक साथ प्रयोग ना करें।

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शादी से पहले कुंडली की तरह लड़का-लड़की के खून का भी करें मिलान!

मोनिका गुप्‍ता। आपको बधाई हो!! अब आप यह सोच रहे होंगे कि बधाई किस बात की. तो मै बताना चाहूगी कि बधाई इस बात की कि वाकई मे आप बहुत अच्छे इंसान है. आप निश्चित तौर पर दूसरे के दुख को देख कर दुखी हो जाते है और दूसरे के सुख को देख कर आपको असीम खुशी मिलती है. आप भी देश और समाज की भलाई के लिए कुछ करना चाह्ते हैं कुछ योगदान देना चाह्ते हैं. हां, वो अलग बात है कि आपको ज्यादा मौका नही मिलता इसलिए जहां भी आपको कोई मौका मिलता है वही आप भी भीड का हिस्सा बन जाते हैं और बढ चढ कर योगदान देते हैं.

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मोटापा दूर करने का अचूक उपाय, आजमाएं और बनें सुंदर व सुडौल शरीर के मालिक!

सुंदर और सुडौल शरीर की चाहत किसे नही होती। शरीर छरहरा बना रहे ये हर कोई चाहता है, लेकिन प्रयास नही करता। कुछ नायाब नुस्‍खे है जिन्‍हें हम नित्‍य प्रयोग मे लाकर शरीर को सुडौल व छरहरा बनाये रख सकते है।

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एंटीबायोटिक दवाओं से अधिक गुण है लहसुन में!

लहसुन सिर्फ मसाले के रूप में खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि अब तो डॉक्‍टर भी मानने लगे है कि लहसुन कई बीमारियों में लाभदायक औषधि की तरह काम करता है। जर्मनी की हेल्थ एडवाइस एसोसिएशन के अनुसार लहसुन को प्रतिदिन के खाने में नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। इसमे विटामिन ए,सी व सल्फाइड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। लहसुन के ऐसे ही कुछ जबरदस्त औषधिय गुणों का वर्णन आयुर्वेद में भी मिलता है हम आपको बताने जा रहे हैं आयुर्वेद के खजाने से कुछ खास नुस्खे जो बीमारियों में रामबाण की तरह काम करते हैं।

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मेथी खाओ कैंसर दूर भगाओ!

कानपुर। आयुर्वेद में मेथी के कई गुणों का बखान किया गया है। मधुमेह में इसका प्रयोग बेहद लाभकारी है लेकिन एक शोध में मेथी त्वचा के कैंसर का इलाज करने में कारगर साबित हुई है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर, दि आइआइएस यूनीवर्सिटी जयपुर एवं यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के वैज्ञानिकों ने मिलकर मेथी पर शोध किया। इसकी सफलता का परिणाम अंतर्राष्ट्रीय जर्नल टॉक्सीकोलॉजी इंटरनेशनल में प्रकाशित हो चुका है।

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