कामसूत्र

स्‍त्री यौन स्‍ट्रोक: स्‍त्री का पावर स्‍ट्रोक

आधी आबादी ब्‍यूरो। यह बेहद मुश्किल पोजीशन है। यह वीरांगना महिलाओं का आसन है, इसलिए साधारण महिलाओं को इस आसन को न करने की सलाह दी जाती है। इस पोजीशन को वही स्त्री हैंडल कर सकती है, जो कद-काठी से मजबूत, वीरांगना जैसी व सेक्स के प्रति अधिक उत्साही हो। इस आसन में योनि का लिंग में प्रवेश आसान नहीं होता, और प्रवेश के बाद भी तीव्र घर्षण से दर्द का अहसास होता है। इस पोजीशन में स्त्रियों की स्थिति ऐसी होती है कि उनके मुंह से अपने आप सिसकारियां, चिल्‍लाहट, आह-ऊह की आवाज निकलती रहती है। संभोग समाप्‍त होने पर  उसे एक थकान भरी मस्‍ती हासिल होती है।

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स्‍त्री यौन स्‍ट्रोक: स्‍त्री का स्‍ट्रोक, पुरुष का नियंत्रण

आधी आबादी ब्‍यूरो। संभोग के इस पोजीशन में कुछ ऐसे आसनों का वर्णन किया जाएगा, जिसमें स्‍ट्रोक तो पुरुष को लगाना पड़ता है, लेकिन सेक्‍स को पूरी तरह से स्‍त्री नियंत्रित करती है। इसमें आनंद दोनों को बराबर मिलता हैा संभोग की इस कला में पुरुष को खुद के स्‍ट्रोक से अधिक अपनी महिला साथी के नियंत्रण में रहने में मजा आता है।

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सेक्स के दौरान कुछ नया और रोमांचक किया जाना महिलाओं को खूब भाता है!

सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त महिलाएं किसी पुरुष से क्‍या चाहती हैं, यह हमेशा से ही शोध का विषय रहा है. इस पर पहले भी काफी कुछ लिखा जा चुका है. इसी मुद्दे पर ताजातरीन रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं. सेक्‍स से जुड़े विषय के एक्‍सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं. महिलाएं बिस्‍तर पर क्‍या चाहती हैं मर्द से, जानिए वो 12 राज...

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स्‍त्री यौन स्‍ट्रोक: विपरीत रति, नए आनंद की पहल

यह पोजीशन स्‍त्रियों के लिए सबसे आरामदायक और सरल पोजीशन है। एक तो इसमें मिशनरी आसन ( पुरुष ऊपर व स्‍त्री नीचे) की नीरसता दूर होती है, दूसरा इसमें संभोग को स्‍त्री नियंत्रित करती है, जिससे उसे भी चरम सुख मिलता। साथ ही संभोग के दौरान स्त्रियों को होने वाला दर्द भी इसमें नहीं होता। दर्द होने पर स्‍त्री स्‍ट्रोक को अपने अनुकूल संचालित कर सकती हैा

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स्‍त्री यौन स्‍ट्रोक: जब संभोग के समय ऊपर हो स्‍त्री!

कामसूत्र में आचार्य वात्‍स्‍यायन ने 'काम' को एक कला कहा है। स्‍त्री पुरुष इस कला को जितना अपने दांपत्‍य जीवन में उतारते हैं, उनका दांपत्‍य जीवन उतना ही मधुर होता चला जाता है। आधीआबादी आचार्य वात्‍स्‍यायन के कामसूत्र को आधुनिक शब्‍दावली के साथ पाठकों के समक्ष लेकर आया है। इसके लिए आधीआबादी डॉट कॉम की टीम ने सेक्‍स एक्‍सपर्ट, यूरोलॉजिस्‍ट, स्‍त्री रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्‍सक एवं सेक्‍स के क्षेत्र में अनुभव को आधार बनाकर काम करने वाले कई विशेषज्ञों से लगातार बातचीत की और उनके अनुभव के निचोड़ को पाठकों के समक्ष रखा है। इसका मकसद न केवल दांपत्‍य जीवन की एकरसता या उसके ऊब में फंसे पति पत्‍नी को इससे बाहर निकालना है, बल्कि उन्‍हें आनंददायक संभोग के अनुभव से खुद के काम ऊर्जा की अनुभूति भी कराना है।

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सोशल मीडिया के नाम: ये जंग शुरू की है तु...
सोशल मीडिया के नाम: ये जंग शुरू की है तुमने, तो जंग सदा जारी रखना!

ग़र योद्धा हो तो याद रहे । दिल राष्ट्रभक्ति आबाद रहे ।।
मन में खुद्दारी रखना ।

भारत-चीन युद्ध: नेहरू ने देश को छला, भार...
भारत-चीन युद्ध: नेहरू ने देश को छला, भारतीय महिलाओं के आभूषण हड़पे और कम्‍युनिस्‍टों ने कहा, चीन ने नहीं, बल्कि भारत ने चीन की जमीन छीनी है!

संदीप देव‬रेसियों के खून में जो गद्दारी दिखती है, देश में उसका सबसे बेहतरीन उदाहरण सन 1962 में हुआ भारत-चीन युद्ध था, जिसमें नेहरू ने देश को छला और भारत [...]

ब्रैंडिंग के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय साइट ...
ब्रैंडिंग के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय साइट बना यूट्यूब

यॉर्क।्री वाली सर्वाधिक लोकप्रिय साइट यूट्यूब को एक ताजा अध्ययन में ब्रैंडिंग वीडियो के लिए सर्वाधिक उपयुक्त जगह बताया गया है। समाचारपत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, वीडियो विज्ञापन निर्माता एजेंसी 'विजिबल मेजर्स' [...]

जिन्‍ना के डायरेक्‍ट एक्‍शन के खिलाफ पंड...
जिन्‍ना के डायरेक्‍ट एक्‍शन के खिलाफ पंडित मदन मोहन मालवीय की वह ललकार!

संदीप देव।दन मोहन मालवीय की पुण्‍यतिथि है। 12 नवंबर 1946 को उनका देहावसान हुआ था। मैं उन सौभाग्‍यशाली लोगों में हूं, जिसे महामना द्वारा स्‍थापित काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय से [...]

बम फोड़ने वाले का कोई मजहब नहीं होता, ले...
बम फोड़ने वाले का कोई मजहब नहीं होता, लेकिन सजा मिलते ही उसके नाम का कलमा पढने वालों की बाढ़ आ जाती है! कमाल है!

संदीपदेव‬। और मजहब का होता तो क्‍या मीडिया वाले उसके पक्ष में इस तरह का अभियान चलाते? सुप्रीम कोर्ट का एक पूर्व जस्टिस अंग्रेजी अखबार में उसके लिए लेख लिखता? एक फिल्‍म स्‍टार दनादन [...]

मैं किसी तरह की स्तुति में भरोसा नहीं कर...
मैं किसी तरह की स्तुति में भरोसा नहीं करता: ओशो

ओशो।ी प्रंशसा मत करो। तुम मेरी प्रशंसा से कुछ भी नहीं पा सकते हो। मुझे धोखा देना असंभव है। मैं किसी तरह की स्तुति में भरोसा नहीं करता। तुम जैसे हो, मुझे स्वीकार हो। मगर यह ‘खोटे’ [...]

महिलाओं में दिल की बीमारियां रह जाती हैं...
महिलाओं में दिल की बीमारियां रह जाती हैं अनदेखी : WHO

कोलकाता। से एक दिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि भारतीय महिलाओं में दिल की बीमारियां अनदेखी रह जाती हैं और उनका इलाज नहीं होता।

बिहार चुनाव में भाजपा के खलनायक: भाजपा क...
बिहार चुनाव में भाजपा के खलनायक: भाजपा के खिलाफ प्रोपोगंडा वार को समाप्‍त करने की जगह हवा दे रहे हैं अरुण जेटली!

‪‎प देव‬।ही लिखा था, बिहार चुनाव खत्म असहिष्णुता की नौटंकी खत्म! अब कहाँ कोई पुरस्कार लौटा रहा है? किस टीवी चैनल पर बहस चल रहा है? कौन-से अखबार के पन्ने रंगे जा [...]

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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