जीवनशैली

वेतन बढ़ते ही अमेरिकी युवा हो जाते हैं अविश्‍वासी

वाशिंगटन। अमेरिका में युवाओं के बीच किए गए एक सर्वे में पता चला है कि आय बढ़ने के साथ युवाओं में दूसरों के प्रति भरोसा और सामाजिक संस्थानों में विश्वास कम होता जाता है। आज के युवा अपने पक्षों को लेकर काफी आशावादी होते हैं, लेकिन इसके उलट दूसरे लोगों के प्रति भरोसे और बड़े संस्थानों पर विश्वास को लेकर उनकी राय नकारात्मक होती है।

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खरीदने से पहले डायमंड ज्‍वेलरी की कर लें जांच

एक ब्रांडेड डायमंड ज्‍वेलरी की कंपनी विज्ञापन में आपसे कहती है कि 'हीरा है सदा के लिए'...लेकिन अच्‍छा हो यदि आप किसी विज्ञापन पर विश्‍वास करने की जगह खरीददारी के वक्‍त ज्‍वेलरी की जांच खुद कर लें तो इसके असली-नकली होने का पता आपको खुद चल जाएगा। वैसे ब्रांडेड ज्‍वेलरी के नकली होने की संभावना न के बराबर रहती है, लेकिन फिर भी यदि ज्‍वेलर्स इसमें मिलावट कर दे तो आप अपनी परख से खुद को लुटने से बचा तो सकती हैं।

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लड़कियों को रिझाने के लिए सज संवर कर ऑफिस आते हैं लड़के!

नई दिल्ली। देश में लड़कियों की नौकरियों में भागीदारी बढ़ने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने से जहां एक ओर उनके पर्स में पैसे भरने लगे हैं वहीं दूसरी ओर लड़कों की जेब ढीली होने लगी है। देश के प्रमुख औद्योगिक संगठन भारतीय उद्योग और वाणिज्य मंडल एसोचैम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कराये गये एक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है कि युवा सौंदर्य प्रसाधान, डिजाइनर कपड़ों और महंगे मोबाइल काफी ज्यादा खर्च करने लगे हैं। कार्यस्थल पर युवतियों की संख्या बढ़ने से युवाओं का सौंदर्य प्रसाधन, ब्रांडेड कपड़ों और महंगे मोबाइल पर खर्च काफी अधिक बढ़ गया है।

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यह नेल आर्ट का जमाना है

साधारण रूप में नाखूनों को रंगना गुजरे जमाने का फैशन है। आजकल युवा लडकियां डिजाइनर नेल आर्ट पसंद कर रही हैं। इस आर्ट से सजे नाखूनों से लडकियों की पर्सनल्टी और मूड में चार चांद लग जाते हैं। उनकी पसंद को देखते हुए डिजाइनर्स ने एक से बढ़कर एक नेल आर्ट पैटर्न तैयार किए हैं।

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लड़कियों पर खूब फबता है स्‍टॉल

लड़कियों को कब क्या पसन्द आ जाए और किस चीज को फैशन में ले आए पता ही नहीं चलता है । इनके इरादों का पता लगाना बेहद मुश्किल होता है,क्योंकि इनको जब जो मन होता है उसे ही ये फैशन में ले आती हैं । आजकल लड़कियों को पुराने दिनों के स्टॉल बहुत ज्यादा पसन्द आ रहे हैं। स्‍टॉल सर्दी के दिनों में कान को भी ढंक रहा है और लड़कियों के फैशन में चार चांद भी लगा रहा है।

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लड़की ने पूछा कहां मिलेगा कंडोम, पुरुष श...
लड़की ने पूछा कहां मिलेगा कंडोम, पुरुष शरमा कर भाग खड़े हुए!

मुंबई। असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी होने का खतरा रहता है. सरकार और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च करते हैं. टीवी पर अनचाहे गर्भ और एचआईवी से सुरक्ष‍ित रहने के [...]

बेहद मिलनसार और देश पर सबकुछ न्‍यौछावर क...
बेहद मिलनसार और देश पर सबकुछ न्‍यौछावर करने वाले संत हैं बाबा रामदेव

संदीप देव, पतंजलि योगपीठ से लौटकर। 4 जून 2011 को योग ऋषि बाबा रामदेव जी ने जब दिल्‍ली के रामलीला मैदान से  भ्रष्‍टाचार और काले धन के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की थी तो [...]

रिपोर्टर खुश, संपादक नाराज-यही है मोदी स...
रिपोर्टर खुश, संपादक नाराज-यही है मोदी स्‍टाइल!

संदीप देव।रेंद्र मोदी ने रिपोर्टर और संपादक के बीच के अंतर को समाप्‍त कर दिया। इससे रिपोर्टर जहां खुश हैं, वहीं संपादक बेहद नाराज! सही मायने में मोदी मास्‍टर ऑफ राजनीति हैं! अब आम [...]

मित्र, मंत्र और मौन!...
मित्र, मंत्र और मौन!

संदीप देव। 'मित्र' वह है जिसके मन के साथ हमारा तंत्र जुड़ा हो। 'मित्रता' शुद्ध मानसिक संबंध है। हमारे जीवन में 5 तरह के संबंध विकसित होते हैं- 1) रक्‍त का संबंध [...]

मोदी रूपी 'घी' वामपंथी नस्‍ल की प्रजाति ...
मोदी रूपी 'घी' वामपंथी नस्‍ल की प्रजाति को न कभी हजम हुआ और न आगे होगा!

संदीप देव। वरिष्‍ठ पत्रकार मधु किश्‍वर ने 'मोदी मुस्लिम एण्ड मीडिया: वॉयस फ्रॉम नरेन्द्र मोदी'ज गुजरात।'' किताब का लोकार्पण 2 अप्रैल को अकबर रोड स्थित राम जेठमलानी के घर के कैंपस में संपन्‍न किया। [...]

औरंगजेब के दरबारी ने औरंगजेब को इतना लज्...
औरंगजेब के दरबारी ने औरंगजेब को इतना लज्जित किया कि वह मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाना भूल गया! ‪

संदीप देव। औरंगजेब सबसे बड़ा मूर्ति भंजक था। हिंदुओं के मंदिर को तोड़कर उस पर मस्जिद का निर्माण कराने की उसे सनक सवार हो गई थी। पहले पहल तो वह मंदिर तोड़ कर उसे छोड़ देता था, [...]

जिसे नास्‍त्रेदमस ने हजारों साल पहले पहच...

संदीप देव‬ । 2003 में एक किताब लिखी थी -'Rewriti [...]

नरेंद्र मोदी पर पुस्‍तक लिखी और भाजपा से...
नरेंद्र मोदी पर पुस्‍तक लिखी और भाजपा से ठोकर मिली!

संदीप देव। कल एक प्रबुद्ध एवं सज्‍जन पुरुष ने नरेंद्र मोदी जी पर लिखी मेरी पुस्‍तक :

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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