हिंदी की एक भी पुस्‍तक बेस्‍ट सेलर सूची में नहीं है, क्‍या हम आप मिलकर इस भाषा को दुनिया के बाजार की बेस्‍ट सेलर भाषा बना सकते हैं? ‎

संदीपदेव‬। पहले यह बताइए कि आपको इस पुस्‍तक 'स्‍वामी रामदेव: एक योगी-एक योद्धा' की कवर कैसी लगी? 4 अगस्‍त को हरिद्वार में इसका लोकार्पण होना तय हुआ है। इसका प्रकाशन दुनिया में सबसे अधिक बेस्‍ट सेलिंग पुस्‍तक देने वाली वर्ल्‍ड की टॉप थ्री प्रकाशकों में शामिल 'ब्‍लूम्‍सबेरी' करने जा रहा है। प्रकाशित होते ही आपके इस मित्र की पुस्‍तक दो कीर्तिमान बना लेगी, जो हिंदी भाषा के रचनाकारों, पाठकों, हिंदी के पुस्‍तक बाजार और स्‍वयं हिंदी भाषा के विकास के लिहाज से महत्‍वपूर्ण है। अपनी भाषा को आगे ले जाने में आप सभी का सहयोग अपेक्षित है ताकि हिंदी पुस्‍तक का बाजार आगे बढ़े। दुनिया के 100 बेस्‍ट सेलर बुक में छोटी सी जर्मन, पुर्तगीज, बुल्‍गेरियन जैसी भाषा की पुस्‍तक तो है, लेकिन 56 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली हिंदी की एक भी पुस्‍तक नहीं है। यह बेहद तकलीफदेह स्थिति है।


* किसी भी अंतरराष्‍ट्रीय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पहली सीधी हिंदी मौलिक रचना है। इससे पहले कोई भी अंतरराष्‍ट्रीय प्रकाशक भारतीय लेखकों की पुस्‍तक प्रकाशित करता था तो, पहले वह उसे अंग्रेजी में प्रकाशित करता था, उसके बाद ही हिंदी एवं अन्‍य भाषाओं में उसका अनुवाद छपता था। ब्‍लूम्‍सबेरी के मुताबिक, यह पहली पुस्‍तक है, जो अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर पहले हिंदी में छप रही है, उसके बाद इसका अंग्रेजी एवं अन्‍य भाषाओं में अनुवाद आएगा। यानी हिंदी वालों को पहली मौलिक हिंदी रचना कोई अंतरराष्‍ट्रीय प्रकाशक देने जा रहा है।

पेंग्विन जरूर हिंदी में मौलिक पुस्‍तकें छापता है, लेकिन उसका हिंदी डिविजन पूरी तरह से अलग और स्‍वतंत्र है, जो हिंदी पाठकों की उपेक्षा के कारण अब बंद होने के कगार पर है। हिंदी के पाठक हिंदी पुस्‍तकों के बाजार को समाप्‍त करने में सबसे अग्रणी भूमिका में हैं। इसलिए मैं डरा हुआ हूं!

* आपका मित्र 'ब्‍लूम्‍सबेरी' का पहला हिंदी लेखक हो गया है। उन्‍होंने अभी तक एक भी मौलिक हिंदी रचना नहीं छापी है और अभी तक एक भी मौलिक हिंदी लेखक उनकी सूची में नहीं था। भारतीय लेखक शिव खेड़ा की किताब वह जरूर छापते हैं, लेकिन वह पुस्‍तक मूल रूप से अंग्रेजी में है और उसका हिंदी अनुवाद छपता है।

ब्‍लूम्‍सबेरी ने 17 साल में 'हैरी पॉटर' की 11 करोड़ कॉपी बेचकर वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया है। दुनिया में सबसे अधिक बिकने वाली पुस्‍तक 'सिटी ऑफ ज्‍वाय' है, जो 20 करोड़ बिकी है, लेकिन उसने इसके लिए 150 साल का लंबा अंतराल तय किया है। इस लिहाज से ब्‍लूम्‍सबेरी सबसे कम समय में सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाने वाली प्रकाशन कंपनी है।

यदि हिंदी भाषा को ऐसे प्रोफेशनल लोगों का साथ मिल जाए, प्रोफेसनल लेखक मिल जाएं, हिंदी में मौलिक रचना पढने वाले पाठक मिल जाएं, तो कोई आश्‍चर्य नहीं कि हिंदी की भी कोई न कोई पुस्‍तक वर्ल्‍ड के बेस्‍ट सेलिंग बुक में नाम दर्ज करा ले! लेकिन फिलहाल जो स्थिति है, वह बहुत भयावह हैै! हिंदी के बहुत कम पाठक पुस्‍तक को खरीदकर पढ़ना पसंद करते हैं! हिंदी पाठकों में उधारी की जबरदस्‍त आदत है, जिससे हिंदी पुस्‍तकों का बाजार पनप ही नहीं पाया है। यही वजह है कि पुर्तगीज जैसी कम बोली जाने वाली भाषा से भी करोड़ों लोगों की अपनी हिंदी भाषा बहुत पीछे है!

हिंदी को प्‍यार करने वाले और इसे बाजार की बड़ी ताकत बनाने वालों की आज सख्‍त जरूरत है। लेखक या प्रकाशक-बिना पाठक के- जोखिम नहीं ले सकता! मैंने लिया है और हिंदी पर भरोसा कर ब्‍लूम्‍स ने लिया है। अब देखना है कि हमारी हालत पेंग्विन जैसी होती है या फिर हिंदी पुस्‍तक बाजार, खासकर राष्‍ट्रवादी साहित्‍य के लिए हम सभी मिलकर कुछ कर सकते हैं? मेरा अगला कदम इसी पर निर्भर करेगा!


Web Title: sandeep deo's books- Swami ramdev: Ek yogi-Ek Yodha-1

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