Hike को अपनाएं, WhatsApp और WeChat को buy-buy कहें!

आधीआबादी ने टवीटर, व्‍हाटस्‍एप पर एक अभियान चलाया है और बहुत सारे लोग उससे जुड़ भी रहे हैं। मेरे फेसबुक के दोस्‍त भी उससे जुडें तो खुशी होगी। 15 अगस्‍त को लाल किले की प्राचीर से PMO India ने 'मेड इन इंडिया' का नारा दिया। हम आज से ही इसकी शुरुआत क्‍यों न करें, अमेरिकन WhatsApp की जगह एक भारतीय एप Hike को अपना कर। Hike भारत का अपना पहला सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म है। चाइना ने अपने यहां WhatsApp को ठुकरा कर WeChat को अपनाया है। तो बताइए आप यह पहल कब से कर रहे हैं?

ऐसी छोटी-छोटी बातों को अपनाकर ही हमारे बाद आजाद हुआ चाइना आज हमसें बड़ा हो चुका है। आज उनका अपना निर्माण उद्योग तो आगे है ही, आईटी में उनका अपना सर्च इंजन, सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म, अपना मोबाइल-सबकुछ है। पूरी दुनिया में गूगल और फेसबुक को आगे ले जाने वाले हमारे आईटी इंजीनियरों के बावजूद हम डिजिटल निर्माण में बहुत पीछे हैं। कम से कम भारतीय मैसेजिंग App Hike को अपनाकर हम इसकी शुरुआत तो आज से कर ही सकते हैं। जिसका विकल्‍प आपके पास नहीं है उस विदेशी प्‍लेटफॉर्म को आप अपनाए रखिए, लेकिन जिसका है उस भारतीय कंपनी को आगे बढाइए। यह विदेशी का विरोधी नहीं, स्‍वदेशी से प्‍यार है। जय हिंद!

प्रभाव: आप सभी का आभार

खुशी है कि आधीआबादी को इतने ढेर सारे लोग अपना प्रेम व स्‍नेह देते हैं, भरोसा करते हैं। उन सभी के प्रति दिल से आभार व्‍यक्‍त करता है आधीआबादी। आधीआबादी के एक पोस्‍ट के कारण बहुत सारे ऐसे लोग जो सामान्‍य भी हैं और बहुत सारे ऐसे लोग तो ऊंचे-ऊंचे पदों पर भी आसीन है, उन्‍होंने कल स्‍वदेशी मैसेजिंग एप Hike को गूगल प्‍ले स्‍टोर से डालनलोड किया और उसका प्रयोग शुरू कियाा कल लाल किला के प्राचीर से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 'मेड इन इंडिया' का नारा दिया था और हम सभी ने कल इस छोटे प्रयास से इसकी शुरुआत की, इसलिए आप सभी मित्रों को आधीआबादी की ओर से ढेर सारी बधाई।

आईटी के क्षेत्र में भारत आउटसोर्सिंग का हब तो बना हुआ है, लेकिन अपना सर्च इंजन, अपना सोशल नेटवर्किंग आदि अभी तक विकसित नहीं कर सका है। ऐसे में एयरटेल कंपनी के एक उपक्रम भारती सॉफ्टबैंक की इस शुरुआत को हमें सकारात्‍मक रूप से लेना चाहिए। वैसे यह भी पूरी तरह से भारतीय नहीं है, बल्कि जापानी सॉफटबैंक इसमें एक साझीदार है, लेकिन पूर्णत: अमेरिकन WhatsApp एवं पूर्णत: चाइनीज WeChat की अपेक्षा यह ज्‍यादा उचित है। विदेशी निवेश के बाद ही तकनीकी, रोजगार सभी इस देश में आएगा और PMO India के 'मेक इन इंडिया' का नारा भी सफल हो सकेगा!

भारतीयों के स्‍नेह के कारण ही hike गूगल Android Playstore, iOS Appstore and Windows Store से टॉप थ्री इंस्‍टॉल होने वाला एप बन गया है। दिसंबर 2012 में लांच होने वाले इस एप के अभी तक 20 मिलियन यूजर हो चुके हैं। याद रखिए, चाइना की इकोनॉमी स्‍वदेशी उद्योग को बढावा देने के कारण ही आज दुनिया की दूसरी सबसे बडी इकोनॉमी है और अमेरिका व यूरोप भी स्‍वदेशी कंपनियों को बढावा देकर ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इसलिए स्‍वदेशी को पिछड़ेपन की निशानी मानने वालों को पहले दुनिया का अध्‍ययन कर लेना चाहिए और उसके बाद अपने दिमाग का सॉफ्टवेयर दुरुस्‍त कर लेना चाहिए।

Baba Ramdev ने आयुर्वेदिक दवओं से लेकर पेस्‍ट व आटा तक स्‍वदेशी उत्‍पाद उतार कर स्‍वदेशी को विचार से धरातल पर उतारने की बड़ी शुरुआत की थी। वर्ना इससे पहले स्‍वदेशी जागरण मंच, राजीव दीक्षित जी आदि की शुरुआत केवल विचारों तक ही सीमित थी, जीवन के व्‍यवहार में नहीं उतर पाई थी! अब हमारा कर्त्‍तव्‍य है कि हम भी स्‍वदेशी को एक आंदोलन का रूप दें!

याद रखिए, यदि आप अपने अपनों के, अपने समाज के, अपने देश के नहीं हो सके तो आप किसी के नहीं हो सकते हैं...! वृक्ष भी हमें ऑक्‍सीजन देकर हमारे जीवन की रक्षा करते हैं और हम कार्बनडायऑक्‍साइड देकर उनके जीवन की रक्षा करते हैं! समाज का चरित्र सहअस्तित्‍व का चरित्र है, इसे याद रखिए और अपने देश के लिए आगे बढि़ए! मैं एक बार फिर से अपने उन सभी मित्रों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं, जिन्‍होंने मुझे स्‍नेह, प्‍यार और अपना विश्‍वास दिया। जय हिंद!

Web Title: India's very own Hike Messenger App
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