बिहार चुनाव में भाजपा के खलनायक: भाजपा के खिलाफ प्रोपोगंडा वार को समाप्‍त करने की जगह हवा दे रहे हैं अरुण जेटली!

‪‎संदीप देव‬। मैंने पहले ही लिखा था, बिहार चुनाव खत्म असहिष्णुता की नौटंकी खत्म! अब कहाँ कोई पुरस्कार लौटा रहा है? किस टीवी चैनल पर बहस चल रहा है? कौन-से अखबार के पन्ने रंगे जा रहे हैं? कलबुर्गी और अखलाक की लाश पर राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले अब कहाँ हैं?

 

वाजपेयी सरकार को उनके सूचना प्रसारण मंत्री प्रमोद महाजन ने डुबोया था, PMO India मोदी सरकार को इनके सूचना मंत्री अरुण जेटली डुबा रहे हैं! जिन के कंधों पर मीडियाई प्रोपोगंडा को समाप्त करने की जिम्मेदारी होती है, भाजपा सरकार में वही लोग उस प्रोपोगंडा करने वालों से हाथ मिलाते रहे हैं! यकीन न हो तो PIB एक्रेडेशन कमेटी से लेकर, PTI, दूरदर्शन, लोकसभा व राज्यसभा टीवी- सब जगह देखिए, वर्षों से मोदी को गाली देने वाले पत्रकारों को ठूंस-ठूंस कर या तो भरा गया है या फिर सेवा विस्तार दिया गया है!

कांग्रेसी-वामी प्रोपोगंडा को काटने वालों की जगह, यदि आप उन्हीं के प्रोपोगंडा को आगे बढाने वालों को अपनी आँखों का तारा बनाएंगे तो आप जीत कहाँ से पाएंगे?

जिन दो चुनाव-दिल्ली-बिहार में भाजपा हारी है, उनमें एक समान पैटर्न अपनाया गया! दिल्ली चुनाव से पहले गिरिजाघरों पर हमले व नन बलात्कार को 24 घंटे चलाया गया और बिहार चुनाव के पहले कलबुर्गी व अखलाक की मौत को भुनाया गया! ताज्जुब देखिए इनमें से हर घटना कांग्रेस या उसके सेक्यूलर पार्टनरों के राज्यों में हुई और कटघरे में मोदी सरकार को रात-दिन खड़ा किया गया!

एक और पैटर्न देखिए, दिल्ली के गिरिजाघरों पर हमले में कांग्रेसी विधायक का नाम सामने आया और बंगाल में नन से रेप में बंगलादेशी मुसलमान पकड़े गए! लेकिन इस सच्चाई को सूचना मंत्री का विभाग आम जनता तक नहीं पहुंचा पाया! आज भी देश की जनता इन तथ्यों से अनजान है। न ही भाजपा अध्यक्ष ने ही इस सच्चाई को जन-जन तक पहुँचाने का ड्राइव ही चलाया! बस, मिस काल से बनी बड़ी पार्टी के अहंकार से ही भरे रहे! यदि इतना बड़ा कार्यकर्ता नेटवर्क है तो जनता तक इस सच्चाई को ले क्यों नहीं गए?

देखना, अखलाक की मौत का भी सेम पैटर्न ही सामने आएगा! और उप्र, पंजाब व बंगाल चुनाव से पहले फिर से सेम पैटर्न उभरेगा। वाजपेयी सरकार को गिराने के लिए भी गोधरा में ट्रेन में लोगों को जलाकर मारने का सेम पैटर्न अपनाया गया था और उसे भी कांग्रेस-मीडिया गठजोड़ ने लीड किया था। अदालत ने कांग्रेस पदाधिकारियों को फांसी की सजा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों में सरकार को बदनाम करने वाले पत्रकारों का खुलकर नाम लिया और ताज्जुब इन सच्चाइयों को भी देश तक ले जाने के लिए कोई ड्राइव नहीं चलाया गया!

इसके बावजूद भाजपाई-संघी कह रहे हैं कि आप भाजपा-संघ पर बिहार में हार के बाद हमलावर क्यों हो? अरे! 2002 से आजतक आपको हराने व सत्ता से बेदखल करने के लिए सेम पैटर्न पर कांग्रेस-पत्रकार-वामपंथी गठजोड़ काम कर रहा है और आप इनका तोड़ ढूंढने की जगह उन्हीं प्रोपोगंडावादियों को विभिन्न संस्थानों में शामिल भी कर रहे हो और खुद चुनाव के समय आरक्षण समीक्षा का प्रोपोगंडा भी खड़ा कर रहे हो!

दरअसल तुम हमारी मेहनत व वोट को बर्बाद कर रहे हो! हम राष्ट्रवादियों ने तुम्हें इन प्रोपोगंडावादियों को कुचलने के लिए सत्ता में बैठाया है और तुम हर बार सत्ता में पहुँचते ही इन्हें ही पालने-पोसने और सेक्यूलरिज्म के कांग्रेसी खेल में लग जाते हो! जब तुम्हें भी यही सब करना है तो तुम कांग्रेस से अलग कैसे हुए? कांग्रेस मुक्त भारत मतलब कांग्रेसी संस्कृति मुक्त भारत! यह ठीक से समझ लो!

#‎SandeepDeo‬ ‪#‎BiharElection

WebTitle: sandeep deo blog on ‬‎BiharElection 2015-6

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