हस्तक्षेप

'हमारे स्‍तनों की कठोरता तुम्‍हारे फतवे से कहीं अधिक है!'

आधीआबादी ब्‍यूरो। प्रकृति ने स्त्री-पुरुष में जो सबसे बड़ा अंतर किया है, वह उनका शरीर है। यह शरीर ही है, जिसकी वजह से जन्म लेते ही मनुष्य की पहचान 'लिंग' आधारित हो जाती है। जन्म के साथ पालन-पोषण से लेकर जिंदगी भर चलने वाली समाजीकरण की पूरी प्रक्रिया 'जननांग' केंद्रित है। पितृसत्‍तात्‍मक समाज शुरू से ही 'नर जननांग' को आक्रामकता और 'मादा जननांग' को समर्पण मानकर स्‍त्री शरीर का शोषण करता रहा है। चेतना आने पर नारी ने पितृसत्‍तात्‍मक समाज के शोषण का जवाब भी अपने शरीर में ही ढूंढा और अपने शरीर से ही उसकी सामंती सोच पर प्रहार भी किया!

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बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी के स्‍वच्‍छता अभियान को दी गति!

आधीआबादी ब्यूरो, हरिद्वार। अपने एक महीने के यूरोप दौरा के बाद हरिद्वार पहुंचते ही स्वामी रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत अभियान' को सफल बनाने में जुट गए हैं। अन्य प्रसिद्ध व्यक्तियों की तरह उनका यह अभियान हाथ में झाडू पकड़ कर केवल प्रतिकात्मक नहीं है, बल्कि उन्होंने तो हरिद्वार और ऋषिकेश को पूर्णत: गंदगीमुक्त बनाने के लिए संकल्प ही ले लिया है। यह वही रामदेव हैं, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए हरिद्वार के अपने पतंजलि योगपीठ को त्यागने तक का संकल्प ले लिया था और मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही करीब 9 महीने बाद पतंजलि में कदम रखा था। स्वामी रामदेव के स्चछता अभियान की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ''स्वच्छ भारत अभियान में बाबा रामदेव और उनकी टीम के जुड़ने से अभियान को और भी गति मिलेगी।''

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असहिष्णुता: क्‍या आप जानते हैं शाहरुख खान की मां आपातकाल में संजय गांधी की उस टीम में शामिल थीं, जिसने मुसलमानों के जबरन नसबंदी का फैसला किया था!

संदीप देव। मैं 'असहिष्‍णुता' पर जिन तथ्‍यों सामने रख रहा हूं, उससे पहले बहुत कम लोग परिचित थे और यह दर्शाता है कि कांग्रेस-वामपं‍थियों ने किस तरह झूठ की बुनियाद पर देश का पूरा इतिहास लिखा है! #असहिष्‍णुता पर पहले मैंने यह बताया था कि किस तरह से आमिर खान के पूर्वज मौलाना अब्‍दुल कलाम आजाद ने भारत के साथ धोखे का व्‍यवहार किया। मौलाना आजाद आमिर खान के पड़नाना थे।

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असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। मैं एक मुस्लिम महिला हूं और पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल की उम्र में डाक्टरी की पढ़ाई करने के लिए मैं भारत लौट आयी थी। पढ़ाई खत्म होने के बाद जहां मेरे ज्यादातर साथी अच्छे भविष्य के सपने के साथ बाहर चले गये मैंने भारत में ही रहने का निश्चय किया। आज तक मैंने एक बार भी कभी यह महसूस नहीं किया कि एक मुसलमान होने के कारण हमें कोई दिक्कत हुई हो। मुझे अपने देश से प्रेम था और मैंने भारत में ही रहने का निश्चय किया।

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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: नारी तू नारायणी!

आधी आबादी ब्‍यूरो । आध्‍यात्मिक गुरू श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्ग दर्शन में संचालित ‘दिव्य ज्योति जागृति संस्थान’ के लिंग समानता प्रकल्प ‘संतुलन’ के अंतर्गत कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए 27 मार्च 2016 को मुख्य अतिथि आदरणीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा द्वारा सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में राष्ट्रस्तरीय जागरूकता अभियान 'तू है शक्ति' का शुभारंभ किया गया.

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