सामाजिक कार्य

बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी के स्‍वच्‍छता अभियान को दी गति!

आधीआबादी ब्यूरो, हरिद्वार। अपने एक महीने के यूरोप दौरा के बाद हरिद्वार पहुंचते ही स्वामी रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत अभियान' को सफल बनाने में जुट गए हैं। अन्य प्रसिद्ध व्यक्तियों की तरह उनका यह अभियान हाथ में झाडू पकड़ कर केवल प्रतिकात्मक नहीं है, बल्कि उन्होंने तो हरिद्वार और ऋषिकेश को पूर्णत: गंदगीमुक्त बनाने के लिए संकल्प ही ले लिया है। यह वही रामदेव हैं, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए हरिद्वार के अपने पतंजलि योगपीठ को त्यागने तक का संकल्प ले लिया था और मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही करीब 9 महीने बाद पतंजलि में कदम रखा था। स्वामी रामदेव के स्चछता अभियान की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ''स्वच्छ भारत अभियान में बाबा रामदेव और उनकी टीम के जुड़ने से अभियान को और भी गति मिलेगी।''

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एक शौचालय ने बदल दी महिलाओं की जिंदगी!

संदीप देव, हिरमथला गांव, मेवात, हरियाणा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने 2 अक्‍टूबर को 'क्लीन इंडिया मूवमेंट' यानी 'स्‍वच्‍छता अभियान जनांदोलन' की शुरुआत की थी, लेकिन 'सुलभ इंटरनेशनल' देश की एक ऐसी संस्‍था है जो पिछले कई दशकों से इस अभियान के जरिए लोगों के जीवन में परिवर्तन की वाहक बनी हुई है। 'देवालय से पहले शौचालय' की उद्घोषणा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को गंदगी से मुक्त करने और हर नागरिक को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए करीब 60 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। देश के अधिकांश गांवों में आज भी शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। बेहद गरीबी से देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे नरेंद्र मोदी और उनके परिवार ने भी दशकों खुले में शौच की तकलीफ झेली है, इसलिए वह 'स्‍वच्‍छता और शौचालय' के महत्‍व को समझते हैं!

फ्रेंच पत्रकार सबस्‍टीन फ्रेसिका सुलभ की मोनिका जैन व ग्रामीण महिला गीता से बात करते हुए

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बाबा रामदेव के विरोधियों को नरेंद्र मोदी का तमाचा!

संदीप देव, नई दिल्‍ली। सहस्राब्दियों पहले महर्षि 'पतंजलि' द्वारा विश्‍व मानव समाज को दी गई 'योग' विद्या को आधुनिक समय में बाबा रामदेव ने अंतरराष्‍ट्रीय पहचान दिलाई है, इसमें शायद ही किसी को शक हो! 'योग' करते-कराते स्‍वामी रामदेव ने भारत के वैदिक स्‍वाभिमान को वापस स्‍थापित करने के लिए जिस 'भारत स्‍वाभिमान आंदोलन' की शुरुआत 2 सितंबर 2010 में की थी, उसका परिणाम 16 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को प्राप्‍त हुआ! प्रखर राष्‍ट्रवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह जानते हैं कि भारत दुनिया को न शस्‍त्र दे सकता है और न ही वर्तमान में उसके पास संसार की आर्थिक विपन्‍नता को दूर करने का सामर्थ्‍य ही है। भारत विश्‍व को दे सकता है तो वह 'अध्‍यात्मिकता', जिसे स्‍वामी विवेकानंद ने अपने शिकागो धर्मसम्‍मेलन में भारत का प्राण कहा था! 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'सर्वेभवंतु सुखिन' के दर्शन पर आधारित भारतीय अध्‍यात्‍म और दर्शन को जब दुनिया में स्‍थापित करने का वक्‍त आया तो नरेंद्र मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में अपने पहले भाषण का उपयुक्‍त समय चुना और इसके लिए उन्‍होंने अब तक स्‍वामी रामदेव द्वारा अंतरराष्‍ट्रीय रूप से स्‍थापित 'योग' पर ही विश्‍व को चलने का संदेश दिया।

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Anti-development activities by the NGOs in India

As a first step to fast-tracking development high on Prime Minister Narendra Modi’s agenda, the Intelligence Bureau (IB) has submitted a classified document identifying several foreign-funded non-governmental organisations (NGOs) that are “negatively impacting economic development”.

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'पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क: 'स्‍वदेशी' को विचार से धरातल पर उतार दिया बाबा रामदेव ने!

संदीप देव, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार से लौटकर। बाबा रामदेव ने स्‍वदेशी के विचार को धरातल पर उतार कर आरएसएस से लेकर राजीव दीक्षित तक के स्‍वदेशी आंदोलन को मरने से बचा लिया है। स्‍वामी रामदेव के अनुसार, पहले मेरे पास लोग आते थे कि बाबा साबुन से लेकर पेस्‍ट तक तो विदेशी कंपनी का प्रयुक्‍त करना पड़ता है, फिर स्‍वदेशी कैसे अपनाएं। इसके बाद ही मेरे मन में विचार आया कि स्‍वदेशी आंदोलन को सफल बनाना है तो रोजमर्रा के जीवन में प्रयुक्‍त होने वाले उत्‍पादों की एक श्रृंखला लोगों को उपलब्‍ध करानी होगी, अन्‍यथा स्‍वदेशी आंदोलन पूर्व की भांति ही दम तोड़ देगी। 'पतंजलि फूड एंव हर्बल पार्क लिमिटेड' स्‍वदेशी को विचार से धरातल पर उतारने का ही परिणाम है।

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