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निशाने पर नरेंद्र मोदी: साजिश की कहानी-तथ्यों की जुबानी

किताब में नरेंद्र मोदी: मोदी के खिलाफ हर साजिश से पर्दा उठाती एक मात्र पुस्‍तक
Rating: Not Rated Yet
Market price: 250.00 ₨
Manufacturer: Kapot Publication House

Description

पुस्तक: निशाने पर नरेंद्र मोदी: साजिश की कहानी-तथ्यों की जुबानी

लेखक: संदीप देव
प्रकाशक: कपोत पब्लिकेशन हाउस
कीमत: 250 रुपए
पृष्‍ठ- 290

ISBN: 978-81-929016-0-2

गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी नि:संदेह आजादी के बाद से देश के सबसे विवादास्पद नेता रहे हैं। साल 2002 में हुए गुजरात दंगे से लेकर आज वर्ष 2014 तक, शायद ही ऐसा कोई साल रहा है जब नरेंद्र मोदी सुर्खियों में नहीं रहे हों। देश-विदेश की मीडिया नरेंद्र मोदी को लेकर पिछले 12 साल से लगातार चर्चा कर रही हैं। गुजरात दंगा हो, फर्जी पुलिस मुठभेड़ हो, गुजरात का विकास मॉडल हो या नया नवेला जासूसी प्रकरण, नरेंद्र मोदी हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। स्थानीय अदालत से लेकर देश के सर्वोच्च अदालत तक से उन्हें 'क्लीन चिट' मिल चुकी है, लेकिन उनके नाम के साथ जुड़ा विवाद थमने का नाम ही नहीं लेता। भाजपा के नेता व देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी जीवनी 'मेरा जीवन मेरा देश' में लिखा है, '' मैँने पिछले 60 साल के दौरान भारतीय राजनीति में ऐसा कोई नेता नहीं देखा है, जिसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर इतने घृणित व अनैतिक तरीके से बदनाम किया गया हो, जितना कि नरेंद्र भाई मोदी को वर्ष 2002 से किया गया है।''

मेरी पुस्तक 'साजिश की कहानी-तथ्यों की जुबानी' कहने को तो नरेंद्र मोदी पर हैं, लेकिन इसके केंद्र में 'कानून' है। गोधरा और गुजरात दंगे पर अब तक आए अदालती निर्णयों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट इस पुस्तक के केंद्र में हैं। लेकिन इस पुस्तक का यह केंद्र जिन परिधियों से घिरा है, उनमें विभिन्‍न आयोगों व समितियों की रिपोर्टों, अदालतों के संज्ञान में लाए गए पत्र व शपथ पत्रों, मानवाधिकार व गृहमंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्टों और कई ऐसे दस्तावेज शामिल हैं, जिनका कानूनी व तथ्‍यगत आधार है। इस पुस्तक में 27 फरवरी 2002 से लेकर दिसंबर 2013 तक की हर उन घटनाओं और उससे जुड़ी सच्‍चाई को शामिल किया गया है, जिसकी वजह से नरेंद्र मोदी सुर्खियों में रहे हैं।
इस किताब के आखिरी दो अध्यायों में गुजरात के विकास मॉडल को भी समझने की कोशिश की गई है और उन नरेंद्र मोदी को भी, जो रेलगाड़ियों में चाय बेचते हुए बड़े हुए और एक प्रदेश के मुख्यमंत्री से होते हुए आज देश के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
मेरे संज्ञान में नरेंद्र मोदी पर अब तक लिखी गई पुस्तक या तो उनकी जीवनी है या फिर गुजरात के विकास मॉडल को लेकर लिखी गई है। लेकिन कानून व रिपोर्टों को केंद्र बनाकर गुजरात और नरेंद्र मोदी पर लिखी गई यह शायद पहली पुस्तक है। 11 अध्याय और करीब 200 पृष्ठों वाली इस पुस्तक में जिन विषयों को समेटा गया है, वो निम्न हैं:

1.जेहादियों और कांग्रेसियों ने मिलकर जिंदा जलाया था 59 रामभक्‍तों को:
क. गोधरा पर स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
ख. गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस को जलाने में शामिल वो कांग्रेसी चेहरे, जिन्हें अदालत ने फांसी से लेकर उम्रकैद तक की सजा तो दी, लेकिन मीडिया की मेहरबानी से देश का एक बड़ा हिस्सा अब भी उनके नामों से अनजान है
ग. यूपीए सरकार व एनजीओ गिरोहों द्वारा साबरमती एक्सप्रेस में जले लोगों की मौत पर पर्दा डालने की कोशिशों पर अदालत का ब्रेक

2.गोधरा के बाद पूरे गुजरात में दिखा कांग्रेसियों का दंगाई चेहरा:
क.  गुजरात दंगे में शामिल कांग्रेसी नेताओं का चेहरा
ख. एहसान जाफरी की हत्या में भी कांग्रेसी थे शामिल, लेकिन मीडिया की मेहरबानी से देश अनजान

3.आतंकवादियों के लिए कांग्रेसी 'बोल वचन', लेकिन आम मुसलमानों को मरने के लिए छोड़ दिया:
 क. गुजरात सरकार द्वारा पुलिस फोर्स की मांग के लिए पड़ोसी राज्यों को भेजे गए पत्र की कॉपी व उस पर आधारित रिपोर्ट
 ख. दंगा समाप्त होने के करीब 9 दिन बाद मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पुलिस फोर्स देने से इंकार वाले पत्र की कॉपी व उस पर आधारित रिपोर्ट

4.शेर के शिकार की फिराक में लोमड़ी की चौकड़ी:

क. मोदी बनाम कांग्रेस व अफसरशाही: कांग्रेस एवं निलंबित अधिकारी संजीव भट्ट, आरबी श्रीकुमार, प्रदीप शर्मा, कुलदीप शर्मा, जीएल सिंघल के बीच गठजोड़ का खुलासा। साथ में एसआईटी रिपोर्ट की कॉपी भी संलग्न। नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए अपनाए गए 'डर्टी ट्रिक्‍स', जासूसी प्रकरण की पूरी सच्‍चाई।

ख. मोदी बनाम एनजीओ गिरोह: तीस्ता सीतलवाड़ व एनजीओ गिरोह के साजिशों का पर्दाफाश करती एसआईटी की रिपोर्ट, जिस पर 26 दिसंबर 2013 को अदालत ने भी मुहर लगा दिया। तीस्‍ता सीतलवाड़ के बैंक एकाउंट और विदेश कनेक्‍शन की पूरी डिटेल आपको इस पुस्‍तक में मिलेगी।

ग.मोदी बनाम कानूनविद: गुजरात मामले को सुनने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आफताब आलम, जस्टिस तरुण चटर्जी सहित जस्टिस मार्कंडेय काटजू, कंसर्न्ड सिटिजन ट्रिब्यूनल गुजरात-2002, लोकायुक्त विवाद और जस्टिस आर.ए.मेहता की सच्चाई दर्शाती रिपोर्ट। गुजरात मामले की सुनवाई करने वाले सुप्रीम कोर्ट के उन न्यायाधीशों पर रिपोर्ट जिन्हें सेवानिवृत्त होते ही केंद्र सरकार ने तत्काल उपकृत किया।

घ.मोदी बनाम मीडिया व बुद्धिजीवी: पहले जस्टिस तेवतिया कमेटी ने और बाद में एसआईटी ने मीडिया को गुजरात सरकार के खिलाफ पूर्वग्रह से ग्रस्त और साजिशकर्ता बताया। मोदी के खिलाफ सुपारी पत्रकारिता, जिसे सबूत मानने से हर बार अदालत ने किया इंकार, न्यायमित्र पर दबाव बनाने के लिए खेला गया मीडिया ट्रिक्स, मीडिया की मौजूदगी और उसकी सलाह पर तीस्ता ने सबूत मिटाने के लिए कब्र खोदकर निकाले थे शव, मोदी के खिलाफ एकतरफा रिपोर्टिंग के लिए प्रेस काउंसिल आॅफ इंडिया की गाइडलाइंस की अनदेखी, मोदी को घेरने वाले हर बुद्धिजीवी व पत्रकार को केंद्र सरकार ने किया उपकृत।

5.वीभत्स हत्या और बलात्कार की गढ़ी गई काल्पनिक पटकथाएं: गुलबर्ग सोसायटी, बेस्ट बेकरी, नरोदा पाटिया मामले की सच्चाई दर्शाती एसआईटी रिपोर्ट। अरुंधति राय, कौसरबानो, इम्तियाज पठान जैसों की झूठ और वास्तविक सच्चाई ।

6. इतिहास गवाह है इतनी जल्दी दंगों पर नियंत्रण कभी नहीं हुआ: 27 फरवरी से लेकर 4 मार्च 2002 तक के एक-एक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट। मोदी ने दंगे में फंसे हुए करीब 24,000 मुसलमानों को न केवल बचाया, बल्कि 6,000 हाजियों को भी सुरक्षित अपने घरों तक पहुंचाया।

7.देश में फर्जी मुठभेड़ की राजधानी है उप्र, लेकिन बदनाम है गुजरात: गृहमंत्रालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में सबसे अधिक फर्जी मुठभेड़ और उसमें भी मुस्लिम युवकों के मारे जाने की शिकायत उप्र और महाराष्ट्र से है। इसके बावजूद यहां के एक भी मामले की मीडिया में चर्चा नहीं, लेकिन उसी मीडिया की मेहरबानी से गुजरात के इशरत जहां और सोहराबुद्दीन को देश का बच्चा-बच्चा जानता है। इशरत जहां व सोहराबुद्दीन मामले की पूरी सच्चाई।

8.हिंदू-मुसलमान-सिख, सबका नरसंहार हुआ धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस के राज में: भारत और गुजरात में अब तक हुए दंगे की विस्तृत जानकारी।

9.आओ खेलें सेक्यूलर-सेक्यूलर: गुजरात-2002 के बाद देश में अभी तक हो चुके हैं 8473 दंगे। केंद्र सरकार, राज्य सरकार  व सभी राजनैतिक दलों की सेक्यूलर नीति और योजनाओं की जानकारी, जो हिंदू-मुस्लिम में भेद करते हुए मुस्लिमपरस्‍त रही हैं। अदालतों ने समय-समय पर कई सरकारों को इसके लिए फटकार भी लगाई है। नए उभरे अरविंद केजरीवाल और आम आदर्मी पार्टी की सच्‍चाई को बेनकाब करती तथ्‍यगत रिपोर्ट।

10. कांग्रेस की आखिरी उम्‍मीद, अमेरिकी 'ब्रेन चाइल्‍ड' अरविंद केजरीवाल: कैसे और क्‍यों बनाया अमेरिका ने अरविंद केजरीवाल को?, अरविंद केजरीवाल का उभार और अमेरिका का हथियार उद्योग, भारत में राजनीतिक अस्थिरता के लिए विदेशी फंडिंग का खेल

11. न्याय, विकास और सशक्तिकरण का त्रिआयामी नमो मंत्र: दंगे के बाद पीड़ितों को मिले पुलिस और अदालती न्याय, उन्हें सशक्त करने के लिए उठाए गए कदम और गुजरात के विकास की तस्वीर।

12. नमोदय: नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत जीवन यात्रा।

लेखक परिचय:   
संदीप देव पिछले 12 साल से मुख्‍यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय रहे हैं।  दिल्‍ली में दैनिक जागरण एवं नईदुनिया जैसे राष्‍ट्रीय अखबार में एक संवाददाता के रूप में काम किया है। इनकी छवि एक खोजी पत्रकार की रही है। अब तक करीब-करीब सभी 'बीटों' (रिपोर्टिंग के लिए मिले कार्य क्षेत्र) पर निर्भीकता से कलम चलाई है, जिसकी वजह से कई बार मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा है, लेकिन सच को खोजने की इनकी जिद जारी है।

संदीप देव ने चार साल पहले हिंदी भाषा में महिलाओं को समर्पित पहला वेब पोर्टल आधीआबादी. कॉम स्‍थापित किया। सेहत से लेकर अध्‍यात्‍म तक 72 खंडों में सिमटे इस वेबपोर्टल में हर तरह की वैज्ञानिक जानकारी मुहैया कराई जाती है। साथ ही इस वेबपोर्टल से पुस्‍तकों की बिक्री भी ऑन लाइन की जाती है। संदीप देव ने वर्तमान में अपना पूरा समय आधीआबादी.कॉम व लेखन को दे दिया है।

संदीप देव ने काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय, वाराणसी से समाजशास्‍त्र में स्‍नातक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्‍होंने दिल्‍ली स्थित इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स से मानवाधिकार में दो वर्षीय पोस्‍ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा किया है।

नरेंद्र मोदी पर लिखी इस पुस्‍तक के मिलने की अन्‍य व्‍यवस्‍था/ जगह:  
दिल्‍ली:

1) भाजपा मुख्‍यालय,
11 अशोका रोड, दिल्‍ली

2) प्रभात प्रकाशन, आसफ अली रोड
लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्‍पताल के विपरीत, दिल्‍ली

3) पुष्‍पक सेल्‍स एजेंसी,
गणपति भवन, 4675/21, अंसारी रोड,
अग्निशमन कार्यालय के समीप, दरियागंज, दिल्‍ली।
फोन: 23257939, 23258184

4) पंकज एंड कंपनी,
नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन,(सभी प्‍लेटफॉर्म के सभी दुकानों पर उपलब्‍ध) दिल्‍ली
 

5) हिंदी साहित्‍य सदन,
 2 बीडी चैबर्स, 10/54 डीबी गुप्‍ता रोड,
    करोल बाग, दिल्‍ली
फोन: 23553624, 23551344

अहमदाबाद
पॉकेट बुक सेंटर,
ज्‍योति संघ बिल्डिंग के विपरीत,
पत्‍थर कुआं के नजदीक, रिलीफ रोड, अहमदाबाद

लखनऊ
यूनिवर्सल बुक डिस्‍ट्रीब्‍यूटर एंड कंपनी,
ए-1/ आरिफ चैंबर्स, कपूरथला, कमर्शियल कॉम्‍लेक्‍स,
अलीगंज, लखनऊ

कानुपर
नेशनल बुक हाउस,
सेन बालिका विद्यालय के नजदीक,
एलआईसी बिल्डिंग, एमजी रोड, कानुपर

बनारस
इंडिका बुक शॉप,
गोदौलिया, वाराणसी

इलाहाबाद 

ए. एच. व्‍हीलर बुक शॉप,

पैलेस सिनेमा कम्‍पाउंड, एमजी रोड, इलाहाबाद।

फोन- 0532-2427255 पर यादव जी से संपर्क कर सकते हैं।

भोपाल
अजय पब्लिकेशन एंड डिस्ट्रिब्‍यूशन
हाउस नं-6
सुलेमानिया गर्ल्‍स स्‍कूल के  नजदीक,
 मोती मस्जिद के पीछे, भोपाल

बड़ौदा
बड़ौदा बुक सेंटर,
स्‍टॉप एंड शॉप प्‍लाजा,
डाक बंगला के विपरीत
अलगपुरी, बड़ौदा

नोट: इन बुक स्‍टॉलों पर पुस्‍तक मिलने में जरा भी दिक्‍कत हो तो फोन नंबर पर- 23257939, 23258184 (सभी दिल्‍ली के नंबर) पर बात कर लें। दूसरे शहरों में पुस्‍तकों की कमी दिल्‍ली के इन नंबरों पर बात करने के उपरांत पूरी कर दी जाएगी। अधिक दिक्‍कत हो तो सीधे मेरे मोबाइल नंबर- 9312665127 पर फोन कर सकते हैं। KAPOT MEDIA NETWORK LLP. HDFC BANK - A/c No- 07082000002469, IFSC code- HDFC 0000708, Branch: Barakhamba Road, New Delhi- 110001 एकाउंट में पुस्‍तक की कीमत 250 रुपए और कुरियर के 90 रुपए अर्थात 340 रुपए जमा करा कर आप मेरे मोबाइल नंबर पर अपना पता एसएमएस कर दें और उसके बाद मुझे फोन कर दें। मैं कुरियर व डाक से पुस्‍तक उपलब्‍ध करा दूंगा। शीघ्र ही वीपीपी की सुविधा भी बहाल होने वाली है, जिससे आपको कैश ऑन डिलिवरी जैसी सुविधा मिल जाएगी।

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