अध्यात्म

नवंबर माह की लड़कियों में अपार सहनशक्ति होती है!

नवंबर माह में जन्‍म लेने वाले व्‍यक्ति दिल के बड़े अच्‍छे व भोले होते हैं। उनके अंदर प्‍यार और दया का सागर उमड़ता रहता है, लेकिन साथ ही गुस्‍से का तूफान भी अंदर पलता है। ये जिन्‍हें प्‍यार करते हैं उनके लिए सारी दुनिया को छोड़ सकते हैं। नवंबर में जन्‍म लेने वाली लड़कियां बेहद भावुक होती हैं, लेकिन साथ ही यह व्‍यवहारकुशल भी होती हैं। यह अलग बात है कि वह अपने दिल की भावना कई बार व्‍यक्‍त नहीं कर पातीं, जिससे कई लोग इन्‍हें गलत समझ लेते हैं। ये समझती हैं कि लोग इनकी बातों को खुद समझ लेंगे, लेकिन ऐसा इस दुनिया में कहां होता है। इन्‍हें संवाद का तरीका ढूंढ़ना होगा और संवाद स्‍थापित करने की कोशिश करनी होगी, तो इनसे बेहतर कोई इंसान नहीं हो सकता।

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भारत में ज्ञान प्राप्‍त करने और भारत में ही शरीर त्‍यागने वाले ईसा मसीह की वास्‍तविकता पर ईसायत मौन!

सच चाहे किसी भी धर्म के बारे में हो, उसे स्वीकार करने में उक्त धर्म के अनुयायियों को बहुत कठिनाई होती है। आज का दौर धार्मिक कट्टरता का दौर है ऐसे में सभी अपने अपने कुएं में बंद हैं। कोई भी सच को जानना नहीं चाहता, क्योंकि इससे उसके जीवन के अब तक बनाए गए आधार गिरते हैं। वह खुद को असहाय महसूस करते हैं और इस तरह उनमें दूसरे धर्म के अनुयायियों के प्रति नफरत का जन्म होता है। क्योंकि बचपन से जो अब तक उन्होंने सीखा, वह कैसे गलत हो सकता है? सच में वही व्यक्ति धार्मिक है, जो किसी धर्म से बंधा नहीं होकर सत्य से बंधा है। जिसमें विचार करने और समझने की क्षमता है वहीं मनुष्यों में श्रेष्ठ है।

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होली हिंदुस्‍तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्‍यौहार है

अमृत साधना। होली हिंदुस्तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्योहार है। उसमें पुराण कथा एक आवरण है, जिसमें लपेटकर मनोविज्ञान की घुट्टी पिलाई गई है। सभ्य मनुष्य के मन पर नैतिकता का इतना बोझ होता है कि उसका रेचन करना जरूरी है, अन्यथा वह पागल हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए होली के नाम पर रेचन की सहूलियत दी गई है। पुराणों में इसके बारे में जो कहानी है, उसकी कई गहरी परतें हैं।

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अपने शरीर को जानो, क्‍योंकि शरीर प्राचीन है: ओशो

ओशो। शरीर को भलीभांति काम करना चाहिए, अच्छी तरह से। यह एक कला है, यह तप नहीं है। तुम्हें उसके साथ लड़ना नहीं है, तुम्हें उसे केवल समझना है। शरीर इतना बुद्धिमान है ... तुम्हारे मस्तिष्क से बुद्धिमान, ध्यान रहे, क्योंकि शरीर मस्तिष्क से ज्यादा समय जीया है। मस्तिष्क बिल्कुल नया आया है, महज एक बच्चा है।

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कृष्‍ण ने अर्जुन से कहा, हे अर्जुन वृक्षों में मैं पीपल हूं। लेकिन आखिर पीपल ही क्‍यों?

संदीप देव। अश्‍वत्‍थ: सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारद: । भगवान श्रीकृष्‍ण ने गीता के 10 वें अध्‍याय में कहा है, हे अर्जुन वृक्षों में मैं पीपल हूं और देवर्षियों में नारद। कदम्‍ब के पेड़ के नीचे रास रचाने वाले श्रीकृष्‍ण ने खुद की उपमा आखिर पीपल से ही क्‍यों दी?
मैं भी सोचता था! मुझे इस सदी की सबसे बड़ी औपन्‍यासिक कृति देने वाले आदरणीय मनु शर्मा जी (उम्र 88 वर्ष) के सान्निध्‍य में काफी समय तक बनारस में रहने का अवसर प्राप्‍त हुआ। प्रभात प्रकाशन के लिए मैंने उनकी जीवनी लिखी है, जिसके संपादन का कार्य अभी चल रहा है। मनु शर्मा जी ने भगवान श्रीकृष्‍ण की आत्‍मकथा आठ खंडों में और करीब 3000 पृष्‍ठों में लिखी है, जो आधुनिक साहित्‍य में सबसे बड़ी कृति है। उन्‍होंने मुझे समझाया कि आखिर भगवान श्रीकृष्‍ण ने खुद को पीपल ही क्‍यों कहा:

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मुझे गाली देने से पहले, अपने संगठन के मह...
मुझे गाली देने से पहले, अपने संगठन के महापुरुषों के लिखे को ही ठीक से पढ लें!

संदीप देव।को हमलावर दिखूुंगा तो केवल इसलिए कि मैं सच को जानता, समझता और उसे उसी रूप में लिखने की हिम्‍मत रखता हूं। सच किसी के हिसाब से नहीं चलता। मीडिया, कांग्रेस, [...]

आज पुरुष हर महिला को केवल मादा की नजर से...
आज पुरुष हर महिला को केवल मादा की नजर से देखना चाहता है!

संदीप देव। बदायूं के नृशंस बलात्‍कार कांड से शर्मसार मानवता ने अपना सिर उठाया भी नहीं था कि 1) घुमाने के बहाने वैष्णो देवी धाम ले जाकर रेप 2) पति ने पत्नी को किया दरिंदों के [...]

बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी के स्‍व...
बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी के स्‍वच्‍छता अभियान को दी गति!

आधीआबादी ब्यूरो, हरिद्वार।हुंचते ही स्वामी रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत अभियान' को सफल बनाने में जुट गए हैं। अन्य प्रसिद्ध व्यक्तियों की तरह उनका यह [...]

कश्‍मीर से 370 को हटाने का एक बार प्रयास...
कश्‍मीर से 370 को हटाने का एक बार प्रयास वहां के मुस्लिम मुख्‍यमंत्री ही कर चुके हैं

संदीप देव। पूर्व प्रधानमंत्री (1964 to 1965) एवं मुख्‍यमंत्री (1965-71) गुलाम मोहम्‍मद सादिक अकेले शख्‍स हैं, [...]

कविता : नारी तुम हो सबकी आशा !...
कविता : नारी तुम हो सबकी आशा !

किन शब्दों में दूँ परिभाषा ?

औरंगजेब‬: भारत विभाजन पर पहला हस्‍ताक्षर...
औरंगजेब‬: भारत विभाजन पर पहला हस्‍ताक्षर!

‪‎संदीप देव‬।ं। उन्‍होंने गुलाम वंश की शासक रजिया सुल्‍तान पर बीबीसी हिंदी के लिए एक रिपोर्ट लिखी है। रजिया या उनके पिता इल्‍तुतमिश आदि सभी के लिए कितने सम्‍मान से उन्‍होंने लिखा है। 'आप' [...]

हजारों 'अभिमन्‍यु' के जन्‍म को सफल बनाएं...
हजारों 'अभिमन्‍यु' के जन्‍म को सफल बनाएंगे स्‍वामी रामदेव!

संदीप देव, पतंजलि योग पीठ, हरिद्वार से लौटकर। अर्जुन और सुभद्रा का पुत्र अभिमन्‍यु गर्भ से ही 'चक्रव्‍यूह' तोड़ने की विधि जानता था! जब वह सुभद्रा के गर्भ में था तब अर्जुन सुभद्रा को ' [...]

मोहम्‍मद अली जिन्‍ना और 16 साल की रती क...
 मोहम्‍मद अली जिन्‍ना और 16 साल की रती की प्रेम कहानी

रेहान फ़ज़ल बीबीसी संवाददाता, दिल्ली। पेतित ने मुंबई की गर्मी से बचने के लिए उन्हें दार्जिलिंग आने की दावत दी. वहीं जिन्ना [...]

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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