पर्व त्‍यौहार

होली हिंदुस्‍तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्‍यौहार है

अमृत साधना। होली हिंदुस्तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्योहार है। उसमें पुराण कथा एक आवरण है, जिसमें लपेटकर मनोविज्ञान की घुट्टी पिलाई गई है। सभ्य मनुष्य के मन पर नैतिकता का इतना बोझ होता है कि उसका रेचन करना जरूरी है, अन्यथा वह पागल हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए होली के नाम पर रेचन की सहूलियत दी गई है। पुराणों में इसके बारे में जो कहानी है, उसकी कई गहरी परतें हैं।

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नवरात्र में जगाएं अपने अंदर की शक्तियां, जानिए सप्त चक्र के बारे में

शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है। हमारे पूर्वजों ने इन 9 दिनों में माता की भक्ति के साथ ही योग का विधान भी निश्चित किया है। हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं। नवरात्रि में हर दिन एक विशेष चक्र को जाग्रत किया जाता है, जिससे हमें ऊर्जा प्राप्त होती है।

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सदभावना देखनी हो तो छठ पर्व को देखिए, महसूस कीजिए और इसके संदेश को अपने जीवन में उतारिए !

अजीत दुबे। जाति-मजहब में बंटे इस देश में हमारे नेताओं को सूर्य उपासना के महापर्व 'छठ' के भारतीय स्‍वरूप का अध्‍ययन करना चाहिए या फिर उन्‍हें चाहिए कि वो छठ के घाटों पर जाकर 'भारतीयता' को नजदीक से देखें, जहां आस्‍था पर मजहब का जोर नहीं दिखता। जहां ऊंच-नीच की सारी भावना जल के प्रवाह में उतरते ही विलोप हो जाती है और जहां भगवान भास्‍कर एक समान सभी को मानवता के सूत्र में पिरोते-से प्रतीत होते है।

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एक बच्‍चे की जुबानी, होली की कहानी

जिज्ञासु देव, नई दिल्‍ली। होली बच्‍चों का प्रिय पर्व है। इस दिन बच्‍चे और दिनों की अपेक्षा जल्‍दी उठ जाते हैं। उनकी शुरुआत छत से राह चलते लोगों पर रंग डालने से होती है। सिर्फ बच्‍चे ही नहीं, बड़े भी इस त्‍यौहार को बड़ी उत्‍साह से मनाते हैं। बड़े एक दूसरे को गुलाल और अबीर लगाकर गले मिलते हैं।

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होली का रंग हमेशा के लिए चेहरे को कर सकता है बदरंग!

नई दिल्ली। बुरा न मानो होली है... कहते हुए जब कोई अपना रासायनिक रंग लेकर आपकी ओर बढ़े तो आप उनसे विनती कर ऐसा करने से रोकें। कहीं ऐसा न हो कि रासायनिक रंग हमेशा के लिए आपके चेहरे को बदरंग कर दे! एक दिन की होली आपके चेहरे पर झुर्रियां, झाईंया और एग्जीमा जैसी बीमारी ला सकती है, जिसका अफसोस आपको ताउम्र रहेगा। और तो और यदि ऐसे हानिकारक रंग या गुब्बारे की मार आपकी आंख पर पड़ा तो स्थाई रूप से अन्धे भी हो सकते हैं। फेफड़े में रंग के जाने से दमा का अटैक भी पड़ सकता है।

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