नारीवाद

'हमारे स्‍तनों की कठोरता तुम्‍हारे फतवे से कहीं अधिक है!'

आधीआबादी ब्‍यूरो। प्रकृति ने स्त्री-पुरुष में जो सबसे बड़ा अंतर किया है, वह उनका शरीर है। यह शरीर ही है, जिसकी वजह से जन्म लेते ही मनुष्य की पहचान 'लिंग' आधारित हो जाती है। जन्म के साथ पालन-पोषण से लेकर जिंदगी भर चलने वाली समाजीकरण की पूरी प्रक्रिया 'जननांग' केंद्रित है। पितृसत्‍तात्‍मक समाज शुरू से ही 'नर जननांग' को आक्रामकता और 'मादा जननांग' को समर्पण मानकर स्‍त्री शरीर का शोषण करता रहा है। चेतना आने पर नारी ने पितृसत्‍तात्‍मक समाज के शोषण का जवाब भी अपने शरीर में ही ढूंढा और अपने शरीर से ही उसकी सामंती सोच पर प्रहार भी किया!

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इस्‍लाम को चुनौती देती नंगी महिलाएं!

नई दिल्‍ली। ट्यूनीशिश के कट्टरपंथी मुसलमान परेशान हैं! रात-दिन उनके सपनों में आने वाली 'नग्‍न स्त्रियां' सपने से बाहर निकलकर उन्‍हें चुनौती दे रही हैं! 19 साल की अमीना ने पहले अपना टी शर्ट उतारा, फिर ब्रा खोला और अपने उभरे हुए स्‍तन पर अरबी में लिख दिया, 'यह मेरी देह है, कोई तुम्हारी इज्जत नहीं.।' अमीना अपने टॉपलेस उभार, हाथ में सुलगती सिगरेट और अपने चेहरे की मुस्‍कान से इस्‍लाम के ठेकेदारों को बतला रही है कि महिलाओं का शरीर केवल पुरुषों के वासनापूर्ति का साधन नहीं, बल्कि नारी शरीर का एक आजाद वजूद भी है।

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पुरुषों की कुंठा पर हंसो, डांस करो-जो चाहे करो मगर चुप न रहो!

श्‍वेता देव, नई दिल्‍ली। सच ही कहा गया है, सृजन या तो ईश्‍वर कर सकता है या फिर औरत...! ईश्‍वर को तो किसी ने देखा नहीं...और मानव का सृजन करने के बावजूद औरत को समाज में वो सम्‍मान मिला नहीं! लेकिन अब बहुत हुआ सम्‍मान पाने की लड़ाई, पितृसत्‍तात्‍मक समाज की मूढ़ता इस कदर है कि उनसे सम्‍मान पाने की लड़ाई लड़ने से अच्‍छा तो यह है कि उनकी कुंठा पर हंसा जाए, व्‍यंग्‍य किया जाए, डांस किया जाए, थोड़ा रोया तो थोड़ा चिल्‍लाया जाए, गुस्‍से का इजहार किया जाए, प्रतिकार किया जाए....लेकिन हर हाल में बस और बस 'बोला जाए'....!!

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कैसे होगा बदलाव जब आदमी खा जाने वाली नजरों से स्‍त्री को घूरता है!

आशिमा। दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म के बाद उपजे आक्रोश ने सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम किया। मीडिया ने इसमें अहम भूमिका अदा की। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने भी उस युवती को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्क्रीन पर पीडि़ता की कहानी बयां की जा रही थी और उसके सामने मेरे जैसे सैकड़ों लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मैं एंकर के साथ पूरी खबर में डूबी हुई थी और मेरे जज्बात भी उसी दिशा में बह रहे थे, लेकिन एंकर ब्रेक लेता है और मेरे जज्बातों पर एक हथौड़ा-सा पड़ता है।

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देह से दबी स्त्री

मृणाल वल्लरी। अभी तक हमारे जेहन में पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की उस भारत यात्रा की यादें ताजा हैं, जब भारतीय मीडिया ने उन्हें खूबसूरती, तन पर पहने कपड़ों, गहनों और उनके पर्स तक ही समेट दिया था. इसके पहले किसी विदेशी महिला नेता के कपड़ों पर मीडिया ने ऐसी हाय-तौबा नहीं मचाई थी. लेकिन हिना एक औरत हैं और वह भी सामाजिक सौंदर्यबोध के हिसाब से बेहद खूबसूरत.

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कविता: ओह मां !
कविता: ओह मां !

संजू मिश्रा। ओह मां !सा भी नही है। माँ के जाते वह बचपन भी नही है।
गुस्से में भी प्यार,

बिहार की हार में भाजपा के खलनायक: बिहार ...
बिहार की हार में भाजपा के खलनायक: बिहार से अनजान व जमीन से कटे नेताओं ने चुनाव केा बना दिया था इवेंट मैनेजमेंट!

संदीप देव।प से भाजपा का समर्थक हूं, लेकिन जिस तरह से भाजपा व संघ समर्थक बिहारियों का अपमान कर रहे हैं, वह मुझे बर्दाश्त नहीं है। इन्हीं बिहारियों ने जब लोकसभा चुनाव-20 [...]

होली हिंदुस्‍तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा...
होली हिंदुस्‍तान की गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्‍यौहार है

अमृत साधना।गहरी प्रज्ञा से उपजा हुआ त्योहार है। उसमें पुराण कथा एक आवरण है, जिसमें लपेटकर मनोविज्ञान की घुट्टी पिलाई गई है। सभ्य मनुष्य के मन पर नैतिकता का इतना बोझ होता है कि उसका [...]

एक हास्य अभिनेता, जो जिंदगी से हार गया!...
एक हास्य अभिनेता, जो जिंदगी से हार गया!

रवि कुमार छवि। अमेरिकी अभिनेता और ऑस्कर विजेता रॉबिन विलियम्स ने 11 अगस्‍त 2014 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रुपहले पर्दे पर हास्य किरदार निभाने वाले रॉबिन विलियम्स का इस तरह से चला [...]

हिंदुत्‍व के पुनर्जारण के लिए जन्‍मगत जा...
हिंदुत्‍व के पुनर्जारण के लिए जन्‍मगत जाति का खात्‍मा जरूरी: डॉ सुब्रहमनियन स्‍वामी

आधी आबादी ब्‍यूरो-साथ हिंदुत्‍व का पुनर्जागरण बहुत जरूरती है। डॉ सुब्रहमनियन स्‍वामी ने 'हिंदुत्‍व एवं राष्‍ट्रीय पुनरुत्‍थान' नामक एक जबरदस्‍त किताब लिखी है और आज के समय हर हिंदू को 24 [...]

प्रधानमंत्री मोदी ने इसाईयत व इस्‍लाम को...

संदीप देव। )दिल्‍ली के कैथोलिक चर्च में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने श्रेष्‍ठता दंभ से भरे धर्मावलंबियों खासकर अल्‍पसंख्‍यक इसाई व इस्‍लाम को स्‍पष्‍ट रूप से [...]

ब्रैंडिंग के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय साइट ...
ब्रैंडिंग के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय साइट बना यूट्यूब

यॉर्क।्री वाली सर्वाधिक लोकप्रिय साइट यूट्यूब को एक ताजा अध्ययन में ब्रैंडिंग वीडियो के लिए सर्वाधिक उपयुक्त जगह बताया गया है। समाचारपत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, वीडियो विज्ञापन निर्माता एजेंसी 'विजिबल मेजर्स' [...]

प्रधानमंत्री मोदी की अपील से युवाओं में ...
प्रधानमंत्री मोदी की अपील से युवाओं में बढ़ा खादी का क्रेज

नई दिल्‍ली।  मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत लोगों से इस अपील के साथ ही की थी कि वे खादी का कोई सामान जरूर प्रयोग में लाएं. मेक इन इंडिया थीम और रोजगार को [...]

दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!...
दिल्‍ली में सुरक्षित नहीं है बचपन!

आधी आबादी ब्‍यूरो, नई दिल्ली। जंगल बनता जा रहा है। बच्चों के लिए खेलने के लिए जगह नहीं बची है। पार्क भी धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अभिभावकों की [...]

नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदे...
नुक्‍कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

दिल्‍ली।  कमल इंसटिट्यूट ऑफ हायर एडूकेशन के छात्र और छात्राओ ने 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ ' अभियान पर नुक्कड नाटक का आयोजन किया। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र [...]

असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के ब...
असहिष्णुता: मैं एक मुस्लिम महिला हूं, हिंदुओं के बीच रहती हूं, लेकिन मैंने कभी भारत में भेदभाव महसूस नहीं किया!

सोफिया रंगवाला। पेशे से डॉक्टर हूं। बंगलोर में मेरी एक हाइ एण्ड लेजर स्किन क्लिनिक है। मेरा परिवार कुवैत में रहता है। मैं भी कुवैत में पली बढ़ी हूं लेकिन 18 साल [...]

प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम कर...
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को मीडिया भले ही बदनाम करे, सूचना प्रसारण मंत्री को तो क्रिकेट डिप्‍लोमेसी से ही फुर्सत नहीं है!

संदीप देव।उटलुक पत्रिका के एक गलत खबर के कारण जो हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा, इसका जिम्‍मेवार कौन है? क्‍या मोदी सरकार मीडिया के इस तरह के गैरजिम्‍मेवार और सबूत [...]

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