भारत यात्रा

एयर सफारी के रोमांच के साथ कीजिए ताजमहल का दीदार

आगरा। ताजनगरी के पर्यटन में गुरुवार को एक नया आकर्षण जुड़ गया। रोमांचक एयर सफारी (हीलियम बैलून राइड) की शुरुआत हो गई। गुब्बारे में बैठकर सैलानी आसमान से ताज और ताजनगरी का दीदार कर पाएंगे। पहली बार सैलानियों को 250 फुट ऊंचाई से ताज निहारने का मौका मिलेगा।

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रणथंभोर में बाघ देखने का वह रोमांच, आज भी भूल नहीं सका हूं!

सौरभ गुप्‍ता, रणथंभोर से लौटकर। सप्ताह का आखिरी दिन अचानक ही एक साथी ने कहा की क्यों न रणथंभोर चला जाए। मै हमेशा से ही वन्य जीवन का दीवाना रहा हूँ, इसलिए तुरंत ही योजना बनायीं और उसी रात का प्रोग्राम बना लिया। वो आखिरी रविवार था उसके बाद जंगल तीन माह के लिए बंद हो जाना था. रात को गाडी बुलाई और साथियों के साथ रवाना हो गए।

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औद्योगिक केंद्र से फैशन ऑयकन में तब्‍दील होता रांची!

कैलाश रंजन, रांची। रांची, जिसे कभी एक औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता था, आज पूरी दुनिया में इंडियन क्रिकेट टीम के कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी के शहर के रूप में एक नई पहचान हासिल कर चुका है। कुछ दिन पहले जब रांची में पहला अंतरारष्‍ट्रीय क्रिकेट मैच खेला गया तो देश के कोने-कोने से पहुंचे लोगों ने देखा कि युवाओं के 'फैशन ऑयकन' बन चुके धोनी का यह शहर भी अब धीरे-धीरे फैशन केंद्र में तब्‍दील होता जा रहा है। बड़े-बड़े मॉल, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा हॉल, ज्‍वैलरी की शानदार दुकानें दर्शा रहीं थी कि कभी आदिवासियों के आंदोलन का केंद्र रहा यह शहर अतीत से निकलकर तेजी से आधुनिक पहचान हासिल करता जा रहा है।

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राजस्‍थान में है दुनिया की सबसे गहरी बावली जिसमें हैं 3500 सीढि़यां!

जयपुर। राजस्थान के बांदीकुई के आभानेरी इलाके में दुनिया की सबसे गहरी और पुरानी बावली है। राजपुताना स्थापत्यकला का यह बेजोड़ नमूना 1200 साल पहले तैयार किया गया था। निकुंभ वंश के राजा चंदा ने 8वीं या नवीं शताब्दी में बनवाया था। इसे बनाने का मकसद था, हमेशा से पानी के लिए त्राहि करने वाले राजस्थान के राजघराने और उनकी रियासत के लोग कभी पानी से महरूम न रहें। चांद बाउरी जमीन से सौ फीट गहरी है। पानी का स्तर कितना भी कम क्यों न हो चांद बाउरी में मिल ही जाता था।

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गुवाहाटी की यात्रा आपका मन मोह लेगी

हिमालय की पूर्वी पहाड़ियों में ब्रह्मपुत्र नदी पर समुद्रतल से 55 मीटर की ऊंचाई पर बसा गुवाहाटी ऐसा शहर माना जाता है जो किसी भी अनजाने व्‍यक्ति को अपने मोहपाश में बांध लेने की क्षमता रखता है। यहां के मंदिर तो बेहद दर्शनीय हैं। कभी प्राग ज्योतिषपुर के नाम से जाना जाने वाला गुवाहाटी ऐतिहासिक व राजनैतिक महत्व भी रखता है। यह एक तरह से सात दूसरे उत्तर-पूर्वी राज्यों का प्रवेश बिंदू माना जाता है। मान्‍यता है कि काम के देवता कामदेव का जन्म गुवाहाटी में ही हुआ था, इसीलिए इसे कामरूप के नाम से पहचाना जाता था।

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